अमान के कोच राजीव
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मां-पिता को याद कर रो पड़े अमान
अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनने के बाद मोहम्मद अमान अपनी मां और पिता को याद कर रो पड़े। बातचीत में अमान का दर्द बाहर निकल आया। उनका कहना था कि यदि आज उनकी मां और पिता होते तो कितने खुश होते। अमान ने अपनी मां से जिद कर पहला बल्ला 1100 रुपये का खरीदा था।
मोहम्मद अमान ने क्रिकेट की शुरुआत 2014 में की थी। घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं थे, लेकिन मन में क्रिकेटर बनने की धुन थी।
ऐसे में उन्होंने अपनी मां साहिबा और पिता मेहताब से क्रिकेट की कोचिंग लेने की जिद की। मां और पिता ने कोचिंग के लिए एकेडमी भेजने की हामी तो भर दी, लेकिन सामान खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। अमान बताते हैं कि आज उनकी किट में महंगे से महंगे बल्ले हैं, लेकिन माता और पिता नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि मां का दिलाया हुआ वह बल्ला उनके लिए आज भी सबसे कीमती और खास है। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए सबसे बड़ा श्रेय सहारनपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन मोहम्मद अकरम को दिया, जो उनके अभिभावक की तरह हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे, साथ ही वह अपने कोच राजीव गोयल को भी नहीं भूले।