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तस्वीरें : यूपी के इस शहर में मौत बनकर खड़ी हैं प्राचीन और जर्जन इमारतें, हादसों को दे रहीं दावत

Wed, 21 Jul 2021 06:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सहारनपुर में पुरानी इमारतें - फोटो : Amar Ujala saharanpur
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कई इलाकों और पुराने शहर में बारिश के बीच जर्जर भवनों से हादसों का खतरा बना है। पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से इन भवनों को चिह्नित कर नोटिस भी दिए गए, लेकिन न भवन खाली हो पाए और न ही इन्हें ठीक कराया गया। इन दिनों बारिश का सीजन चल रहा है।

महानगर में 150 से अधिक ऐसे जर्जर भवन हैं, जो बारिश की वजह से कभी भी गिर सकते हैं। शहर में मोहल्ला छत्ता जंबूदास, रानी बाजार, दीनानाथ बाजार, हलवाई हट्टा, मोरगंज बाजर, हिरनमारान, बड़तला यादगार, कंबोह का पुल, ढोलीखाल सहित कई जगहों पर जर्जर भवनों में परिवार रहते हैं। 

बारिश का मौसम आते ही इन इमारतों में रह रहे परिवार दहशत के साए में जीने लगते हैं। कई इमारतें तो ऐसी हैं जिनके आसपास खड़े होने में भी खतरा नजर आता है। आगे तस्वीरों में देखें कैसे मौत को दावत दे रही हैं ये जर्जर इमारतें  : -
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सहारनपुर में पुरानी इमारतें - फोटो : Amar Ujala saharanpur
पूर्व में कई बार घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन घटना के बाद ही सरकारी तंत्र सतर्कता दिखाता है और लोगों को मकान खाली करने या ठीक कराने को नोटिस दिया जाता है, लेकिन मानसून के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इसी तरह देहात क्षेत्रों देवबंद, रामपुर मनिहारान, बेहट, नकुड़ और गंगोह में भी कुछ मोहल्लों में जर्जर भवन है। ऐसे लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। 

 
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सहारनपुर में पुरानी इमारतें - फोटो : Amar Ujala saharanpur
कब्जा जमाए रखने को नहीं छोड़ते घर 
प्रशासन और नगर निगम ने चार साल पहले भवनों को चिह्नित करने के साथ ही उनमें रह रहे लोगों से वार्ता भी की थी। ज्यादातर भवनों पर अधिकार का विवाद है। इसके अलावा कई भवनों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। यही वजह है कि जो लोग उनमें रह रहे हैं, वह कब्जा छोड़ना नहीं चाहते हैं।

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सहारनपुर में पुरानी इमारतें - फोटो : Amar Ujala saharanpur
बीते वर्षों में हो चुकी हैं घटनाएं 
- रानी बाजार में एक जर्जर भवन के गिरने से मां-बेटे की दबकर मौत हुई थी। 
- हिरनमारान में जर्जर भवन के गिरने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी। 
- हिरनमारान में पुुराने भवन का एक हिस्सा गिर जाने से कई लोग दब गए थे। एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी।  
- मानकमऊ में एक मकान की छत गिरने से तीन भाई और बहनों की मौत हो गई थी। 
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सहारनपुर में पुरानी इमारतें - फोटो : Amar Ujala saharanpur
जर्जर भवनों को खाली कराने के लिए समय-समय पर कार्रवाई होती है। कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं, जिस वजह से प्रशासन को दिक्कत आती है। फिर भी पूरा प्रयास रहता है किसी तरह का हादसा न हो, इसके लिए लोगों को भी जागरूक किया जाता है। - अखिलेश सिंह, जिलाधिकारी 
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