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पहले दिन 564 प्रधानों ने ली शपथ

Tue, 25 May 2021 08:38 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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लालगंज ब्लॉक सभागार में नवनिर्वाचित प्रधानों को शपथ दिलाते एसडीएम। - फोटो : pratapgarh
जिले के 564 ग्राम प्रधानों ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। ब्लाकों में शपथ ग्रहण समारोह का दौर बुधवार को भी जारी रहेगा। शपथ के बाद जिले की 702 ग्राम पंचायतों में बृहस्पतिवार को पहली बैठक होगी। जिसमें समितियों के गठन के साथ ही ग्राम पंचायत की नई कमेटी कार्य करना प्रारंभ कर देगी।

जिले में 564 नवनिर्वाचित प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों को मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कोरोना संक्रमण को देखते हुए ब्लाकों में गिने-चुने प्रधानों को बुलाया गया था। अधिकांश प्रधानों को मोबाइल से वर्चुअल शपथ दिलाई गई। मानधाता में 45, संडवाचंद्रिका में 27, कालाकांकर में 19 और बेलखरनाथधाम में 39 प्रधानों को बीडीओ ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। बुधवार को 564 ग्राम प्रधानों को दूसरे चरण में शपथ दिलाई जाएगी। बृहस्पतिवार को 702 ग्राम पंचायतों में पहली बैठक होते ही नवनिर्वाचित ग्राम पंचायतें अस्तित्व में आ जाएंगी और गांव में विकास कार्य कराने की रणनीति बना सकेंगी। 491 ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्यों का चुनाव नहीं होने से यह ग्राम पंचायतें अभी संगठित नहीं हो पाएंगी। इन ग्राम पंचायतों के प्रधान न तो शपथ ले पाएंगे और न ही अभी खाते का संचालन कर पाएंगे। अब पंचायत उपचुनाव में सदस्यों का चयन होने के बाद ही पंचायतें संगठित होंगी। 

जीत का प्रमाणपत्र मिलने से पहले ही दुनिया को कह दिया अलविदा 

जिले के कालाकांकर और रामपुर संग्रामगढ़ विकास खंड में एक-एक ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां परिणाम आने से पहले ही विजयी प्रत्याशी की मृत्यु हो गई। इससे इन ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव दोबारा कराना पड़ेगा। अफसरों ने इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी है। 


जिन ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्यों का चुनाव हो गया है, वहां 27 मई को पहली बैठक होगी। जहां सदस्यों का चुनाव मानक के अनुरूप नहीं हुआ है, वहां उपचुनाव के बाद ही पंचायतें संगठित होंगी।  -रविशंकर द्विवेदी, डीपीआरओ
 
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ग्राम पंचायत की कमान संभालने वाले प्रधानों को मिलेंगे 12 से 32 लाख रुपये 

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बाबागंज अर्जुन अतेरू गांव में शपथ ग्रहण करे प्रधान। - फोटो : pratapgarh
ग्राम पंचायतों की कमान संभालते ही प्रधानों को 12 से 32 लाख रुपये मिलेंगे। पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में धनराशि 32 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। 27 मई को ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होते ही खातों में प्रधानों का नाम शामिल कर लिया जाएगा। हालांकि जिन ग्राम पंचायतों में अभी दो तिहाई सदस्य नहीं चुने गए हैं, उन्हें अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।


जिले की 1193 ग्राम पंचायतों में 25 दिसंबर 2020 से प्रधानों को निलंबित करते हुए खाता संचालन पर रोक लगा दी गई थी। गांव में विकास कार्य कराने के लिए एडीओ को प्रशासक नामित किया गया, मगर अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने खाते का संचालन ही नहीं किया। दिसंबर से मई माह के मध्य पंद्रहवें वित्त आयोग, राज वित्त आयोग की दो-दो किस्तें आई हुई हैं। विभागीय जानकारों का कहना है कि पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायतों में लगभग 32 लाख और छोटी ग्राम पंचायतों में 12 लाख रुपये डंप हैं। दरअसल, ग्राम पंचायतों को आबादी के आधार पर विकास कार्य कराने के
लिए धनराशि मिलती है। पांच माह से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप होने से धनराशि का सदुपयोग नहीं हो पा रहा था। 27 मई को संगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होते ही प्रधानों का नाम खाते में शामिल कर विकास कार्य प्रारंभ हो जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों में अभी दो तिहाई सदस्यों का चुनाव नहीं हुआ है, उन्हें अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा।


गर्मी में हैंडपंपों के रिबोर पर रहेगा जोर 

गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या से निजात पाने के लिए ग्राम पंचायतों को रिबोर कराने और तालाबों में पानी भराने पर अधिक जोर दिया जाएगा। फिलहाल अभी विभाग ने कोई गाइडलाइन नहीं जारी की है। 
 

प्रधानों के खाते पर अफसरों की रहेगी नजर

पंचायत चुनाव में पानी की तरह रुपये बहाने वाले प्रधानों के खाते पर अफसरों की नजर रहेगी। जो प्रधान चुनाव में खर्च हुई धनराशि की भरपाई करना चाहेंगे, उन पर अफसरों का डंडा चल सकता है। शासन ने भी कहा है कि जब तक ग्राम पंचायतों की बैठक में कार्ययोजना तैयार नहीं होती है, तब तक न रुपये निकाल सकेंगे और न खर्च कर सकेंगे। 



ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए धनराशि का अभी तक सदुपयोग नहीं किया गया है। ग्राम पंचायतों को आबादी के आधार पर विकास कार्य कराने के लिए बजट जारी किया जाता है।  -रविशंकर द्विवेदी, डीपीआरओ
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