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Pilibhit Flood News: रात में खेत गए दो किसान, सुबह आंख खुली तो चारों ओर पानी ही पानी, रेस्क्यू के भरोसे रहते तो नहीं बच पाती जान

Thu, 21 Oct 2021 10:27 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, पीलीभीत
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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत में बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त है। मुश्किल से लोगों की जान बच पा रही है। ऐसे ही मौत के मुंह से निकले दो किसानों ने बाढ़ के पानी में फंसने से लेकर जान बचने तक की दास्तां बयां की जिसे सुनकर कोई भी सहम जाए। किसान कुलवीर सिंह और सपन मंडल सोमवार रात 11 बजे से शारदा पार खेत में बाढ़ के पानी में फंस गए थे। दोनों किसान कई घंटे तक पानी से घिरे रहे। वायु सेना के हेलीकॉप्टर ने बहुत समय के बाद इन्हें रेस्क्यू किया। दोनों किसान ने बताया कि सिर्फ रेस्क्यू का इंतजार करते रहते तो जान बचाना मुश्किल होता।

रमनगरा निवासी कुलवीर सिंह और मढ़ैया लालपुर निवासी सपन मंडल ने बताया कि वे अपने-अपने गांव से सोमवार सुबह आठ बजे शारदा पार ढकिया क्षेत्र में स्थित खेतों में धान की कटाई के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से गए थे। सोमवार रात में दोनों सोए हुए थे। रात 11 बजे से पानी खेतों के चारों तरफ आना शुरू हो गया। देखते-देखते पानी इतना बढ़ गया कि फसल बह गई और ट्रैक्टर ट्रॉली भी डूब गई। 
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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
जान बचाने के लिए पूरी रात उन्हें ट्रैक्टर छतरी पर बैठना पड़ा। छतरी पर बैठे-बैठे देख रहे थे कि पानी बढ़ रहा है। उन्हें लगा कि हम ट्रैक्टर समेत बह सकते हैं। डर में एक-एक पल बीत रहा था। घर में फोन कर रहे थे लेकिन कोई बचाव के लिए नहीं आ पा रहा था। मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब सपन को एक पेड़ बहते हुए दिखा, उसने ट्रैक्टर के करीब से गुजरे पेड़ की टहनी को पकड़ लिया। तेज बहाव में बहने लगा और कुछ ही दूरी पर गोरख डिब्बी गांव पहुंच गया। 
 
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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
गांव के कुछ लोगों ने भोर में चार बजे करीब उसे बहते हुए देखा और दो लोगों ने खुद की जान खतरे में डालकर बहते पानी में नाव निकाला। इसके बाद उनको पानी से बाहर निकाला गया और वे अपने गांव गए। उनका गांव भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका था। सपन मंडल के कहने पर गांव के लोग एक बार फिर नाव लेकर ट्रैक्टर तक आए। इसके बाद कुलवीर को नाव में बैठाकर गोरख डिब्बी गांव पहुंचे। 

 

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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
बुधवार सुबह आठ बजे उन्हें अन्य लोगों के साथ हेलीकाप्टर से रेस्क्यू किया गया। कुलवीर और सपन ने बताया कि सोमवार रात 11 बजे से बुधवार सुबह आठ बजे तक पूरा समय पानी में ही बीता। अगर गांव वाले न आते और प्रशासन के रेस्क्यू का इंतजार करते रहते तो बच पाना मुश्किल होता। क्योंकि ट्रैक्टर लगभग डूब ही गया था।
 
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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
सपन मंडल ने बताया कि जब मैंने पेड़ की डाली को पकड़ा तो यही सोचा कि ट्रैक्टर बहेगा तो भी जान जाएगी और आगे कहीं सहारा मिला तो कम से कम जान तो बच जाएगी। तेज बहाव में सुध खो बैठा था लेकिन होश तब आया जब मैंने देखा कि कुछ लोग मुझे सहारा देने के लिए नाव लेकर आ गए। मैं उन दो लोगों के जरिये बच गया। इसके बाद गोरख डिब्बी गांव में मंगलवार की पूरी रात गुजारी। सुबह हेलीकॉप्टर आया तो जान में जान आई।
 
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पीलीभीत में बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
वहीं कुलवीर सिंह ने कहा कि सोमवार सुबह आठ बजे खेत पर गया था। दिन भर धान की कटाई कराई। रात तक 20 एकड़ खेत में धान कट गया था। रात में 11 बजे से पानी आना शुरू हो गया। पानी भोर में तीन बजे तक इतना बढ़ गया था कि ट्रैक्टर की छत पर बैठना पड़ा। ऊपर से बारिश हो रही थी और नीचे बाढ़ का पानी बह रहा था। घर फोन लगा रहा था लेकिन बाढ़ का पानी इतना ज्यादा था कि बचाने के लिए कोई नहीं आ पा रहा था। सपन मंडल  पेड़ की एक डाल पकड़ पानी में कूद गया। उसने गांव वालों की मदद से बचाया और फिर वह भी गोरख डिब्बी गांव तक पहुंचे।
 
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