भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की राजधानी सिसौली में भाजपा को नुकसान झेलना पड़ा। 2019 के लोकसभा चुनाव के सापेक्ष इस बार 1285 वोट भाजपा को कस्बे में कम मिले हैं। किसान आंदोलन के बाद भाजपा के खिलाफ माहौल बना और वोटों में कमी आई। 2017 में भी भाजपा को कस्बे में 4261 वोट मिले थे, जिसके सापेक्ष भी इस बार नुकसान हुआ है।
सिसौली में रालोद के प्रत्याशी राजपाल बालियान को 3400 और भाजपा के प्रत्याशी उमेश मलिक को 3171 वोट हासिल हुए। वोटों का यह अंतर भले ही सिर्फ 229 हो, लेकिन 2019 के मुकाबले भाजपा को कस्बे में वोटों का नुकसान हुआ। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को कस्बे में 4456 वोट मिले थे, जबकि इस बार उमेश मलिक सिर्फ 3171 पर सिमट गए। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के पक्ष में खूब मतदान हुआ था। सिसौली में लगभग सात हजार मतदाताओं ने वोटिंग की थी।