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Muzaffarnagar Election Result: टिकैत के गढ़ में भाजपा का बुरा हाल, इन सात सीटों पर मिली करारी हार, खूब वायरल हुआ था ‘वोट कोक्को ले गई..’ वाला बयान

Fri, 11 Mar 2022 01:48 PM IST
कपिल kapil मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

Uttar Pradesh Election Result 2022: भगवा रंग में डूबे चुनावी नतीजों के बीच मुजफ्फरनगर जिले में किसान आंदोलन का असर खूब दिखा। तीन कृषि कानूनों को मोदी सरकार के वापस लेने के बावजूद किसानों में उपजी नाराजगी ने गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभाई।
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राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala
भगवा रंग में डूबे चुनावी नतीजों के बीच मुजफ्फरनगर जिले में किसान आंदोलन का असर खूब दिखा। तीन कृषि कानूनों को मोदी सरकार के वापस लेने के बावजूद किसानों में उपजी नाराजगी ने गठबंधन की जीत में अहम भूमिका निभाई। बुढ़ाना और मीरापुर सीटों पर भाजपा रणनीति में पहले दिन से पीछे नजर आई। हार-जीत के खेल में भाजपा पुरकाजी और चरथावल की सीट भी गंवा बैठी। भाकियू के तल्ख तेवरों से भी भाजपा को झटका लगा है।

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली के बॉर्डर पर 13 महीने चले किसान आंदोलन का असर मुजफ्फरनगर और शामली के चुनाव नतीजों में साफ नजर आया है। गठबंधन के मुकाबले दोनों जिलों की नौ सीटों में से केवल दो सीट पर भाजपा जीत दोहरा पाई है। गाजीपुर बॉर्डर पर चले लंबे आंदोलन में आए उतार-चढ़ाव से पश्चिमी यूपी के किसानों में भाजपा के रवैये को लेकर नाराजगी बढ़ती गई। मुजफ्फरनगर किसान आंदोलन का केंद्र बन गया।
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राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala
पांच सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर किसान रैली हुई, जिसमें कई राज्यों के किसानों ने भागीदारी की। बदले माहौल को भाजपा के रणनीतिकार भांप नहीं पाए। खाप पंचायतें सक्रिय हुईं तो भाजपा की नीतियों के विरुद्ध नाराजगी बढ़ती गई। 
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बीजेपी पार्टी। - फोटो : amar ujala
वहीं मोर्चे पर अड़े किसानों की एकजुटता और पांच राज्यों में चुनाव के दृष्टिगत  मोदी सरकार को निर्णय वापस लेना पड़ा। किसान आंदोलन के दौरान भाजपा के खिलाफ बनीं किसानों की नाराजगी चुनाव नतीजों में साफ दिख रही है।

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राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala
भाकियू के तल्ख तेवरों ने भी गठबंधन के  प्रत्याशियों को ताकत दी, जिसकी वजह से मुजफ्फरनगर में भाजपा ने बुढ़ाना, मीरापुर, पुरकाजी और चरथावल की सीटें गंवा दी। शामली में भाजपा का खाता ही नहीं खुल पाया। कैराना, शामली और थानाभवन में भी गठबंधन ने बाजी मार ली।
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राकेश टिकैत। - फोटो : amar ujala
चुनाव अखाड़े के बाहर खूब लड़े टिकैत बंधु
किसान आंदोलन की अगुवाई से सुर्खियों में आए भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के तल्ख बयानों ने चुनाव रण में खूब माहौल बनाया। किसानों के मुद्दों पर उन्होंने सरकार को खूब घेरा। मतदान के दिन ‘वोट कोक्को ले गई..’ का बयान प्रदेश भर में चर्चा में रहा। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने बागपत और शामली में हुई किसानों की सभाओं में भाजपा पर हल्ला बोला। यही नहीं रालोद के प्रत्याशियों को सिसौली में सिंबल भी दिए।
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