मनुष्य के जीवों से प्रेम की अनगिनत कहानियां हैं। कभी किसान के बैल हीरा-मोती साहित्य का हिस्सा बन जाते हैं। कभी रूपहले पर्दे पर इंसान और जानवरों के प्रेम को तेरी मेहरबानियां और हाथी मेरे साथी फिल्म के जरिए व्यक्त किया जाता है।
अमेठी के मोहम्मद आरिफ की सारस से दोस्ती होती है तो दुनिया इसकी सराहना करने लगती है। उत्तर प्रदेश के ही मुजफ्फरनगर शहर के कूकड़ा में दयाराम वाल्मीकि और उनकी नर बत्तख बादल के बीच प्रेम भी अनूठा है।