रामपुर तिराहा गोलीकांड
रामपुर तिराहा कांड फैसला एक नजर में-
-तीन दशक बाद पीड़िता को मिला न्याय
-PAC के दो सिपाहियों को आजीवन कारावास, अर्थदंड भी लगाया
-अदालत ने जलियांवाला बांग कांड से की प्रकरण की तुलना
-दोषियों को लगाई लताड़, कहा-यह देश की आत्मा को झकझोर देने वाली घटना
कहा-महिला आंदोलनकारी के साथ की गई बर्बरता व अमानवीय व्यवहार
-दोषी सिपाहियों का आचरण किसी भी सहानुभूति के लायक नहीं
-दोषियों एक अक्तूबर, 1994 की रात महिला आंदोलनकारी से छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया
-अलग राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल थी पीड़िता
-मामले में उत्तराखंड संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
-दोषी मिलाप सिंह, एटा व वीरेंद्र प्रताप सिद्धार्थनगर निवासी है।
-दोनों अभियुक्तों पर धारा 376जी, 323, 354, 392, 509 व 120 बी में दोष सिद्ध हुआ
-अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को दी जाएगी