हादसे की सूचना पलभर में ही पूरे क्षेत्र में फैल गई। मदद के लिए लोग दौड़े। दुकानदार, किसान, मजदूर और व्यापारी सब मौके पर पहुंचे। जैसा बन पड़ा, सभी ने वैसी मदद की। मलबा हटाने के लिए जिस सामान की जरूरत पड़ी, वही लाकर दिया। भाईचारे की ताकत से देर रात तक पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मदद के हाथ उठते रहे।
हादसे की जानकारी के बाद जानसठ के इनाम, राकेश, अहसान, दीपक, मनोज और इकराम समेत सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सैंकड़ों हाथ लिंटर के आसपास फैले मलबे की ईंटों को हटाने में जुट गए थे। इस दौरान न कोई हिंदू था और न ही मुस्लिम। सभी एक दूसरे के साथ मिलकर मलबे में दबे मजदूरों को तलाश रहे थे।
मलबे से ज्यादतर मजदूर बाहर निकाल लिए गए हैं जबकि एक मजदूर अभी मलबे में ही दबा है। बताया गया कि मलबे में फंसा मजदूर जिंदा है। एनडीआरएफ के कर्मचारियों के अनुसार उसे बाहर निकालने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।