तीन दिन पहले अमरोहा जिले के कैलसा इलाके में रेलवे ट्रैक पर युवक के साथ लहूलुहान हालत में पड़ी मिली युवती की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों के अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवती ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही थाने में तैनात दरोगा मेरठ पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। दोनों की मौत के बाद युवक और युवती कैलसा कैसे पहुंचे। उनके बीच क्या संबंध थे, किसी को कोई जानकारी नहीं है। मृतक आकाशदीप के परिजनों के बाद युवती के परिजनों ने दोनों के बीच किसी तरह के संबंध होने के अनभिज्ञता जताई है। यह घटनाक्रम अमरोहा देहात थानाक्षेत्र से जुड़ा है। शनिवार की सुबह कैलसा क्षेत्र में पृथ्वीपुर गांव के पास रेलवे लाइन की पटरियों पर युवक और युवती लहूलुहान हालत में पड़े मिले थे। युवक की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि युवती के दोनों पैर कटे हुए थे और ज्यादा खून बहने से वह बेसुध थी। ग्रामीणों की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को जिला अस्पताल पहुंचवाया।
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रेलवे ट्रैक पर लहूलुहान मिली युवती के पास मिला पासपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
युवती कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं थी। चिकित्सकों ने युवती को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। पुलिस ने दोनों के पास से मिले आधार कार्ड के आधार पर मृत युवक की पहचान आकाशदीप पुत्र हरमेश निवासी सिरसिड़ी जनपद फरीदकोट पंजाब और युवती की पहचान प्रभजोत कौर पुत्री करतार सिंह निवास कोट सुखिया जिला फरीदकोट पंजाब के रूप में की थी।
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युवक और युवती के आधार कार्ड
- फोटो : अमर उजाला
आधार कार्ड के हिसाब से युवक की उम्र 18 वर्ष और युवती की उम्र 19 वर्ष थी। दोनों के पास से परिजनों के मोबाइल नंबर भी मिले थे। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग में विफलता के संकेत मिलने पर खुदकुशी करने की कोशिश का मामला मान रही है।
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बेटे आकाशदीप का शव देखकर बिलखता पिता हरमेश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को आकाशदीप के परिजन अमरोहा पहुंचे थे और शव लेकर घर लौट गए थे। लेकिन, देर रात प्रभजोत कौर की भी मेरठ के मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के कुछ घंटों बाद परिजन अस्पताल पहुंचे तो कोहराम मच गया। सोमवार को मेरठ में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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अमरोहा पोस्टमार्टम हाउस पर गमजदा खड़े आकाशदीप के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घायल प्रभजोत कौर की रविवार की रात मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई है। उसके परिजन पंजाब से मेरठ पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को उनके सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने किसी भी तरह की कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया है। - सुनील मलिक,एसओ, थाना अमरोहा देहात
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lovers suicide case
- फोटो : अमर उजाला
कैलसा में रेलवे ट्रैक पर शनिवार सुबह लहूलुहान हालत में मिली प्रभजोत की मौत के साथ कई राज दफन हो गए हैं। परिजनों ने बताया कि वह कई महीने पहले कतर देश गई थी, वहां से कब लौटी यह उसने नहीं बताया। मृतक आकाशदीप के साथ उसके क्या संबंध थे, यह भी परिजनों को नहीं पता है। सवाल यह है कि जब आकाशदीप मुंबई में नौकरी करने गया था, तो वह प्रभजोत के संपर्क में कहां और कैसे आया। इसके बाद वह दोनों कहां जा रहे थे। अगर दोनों के बीच प्रेमप्रसंग को लेकर उनके परिजन अनजान हैं तो उन्होंने खुदकुशी क्यों की। क्या दोनों आत्महत्या करने के लिए चलती ट्रेन से कूदे थे या ट्रेन के आगे कूदे थे। इस पहेली को भी पुलिस सुलझा नहीं सकी है।
फरीदकोट (पंजाब) के सिरसिड़ी गांव निवासी आकाशदीप के गांव से तीन किलोमीटर दूर गांव कोट सुखिया की रहने वाली थी प्रभजोत कौर। पुलिस यह उम्मीद लगाए थी कि प्रभजोत होश में आने के बाद घटनाक्रम के बारे में कुछ बताएगी। लेकिन, रविवार की रात प्रभजोत की मौत के साथ पुलिस की यह उम्मीद भी दफन हो गई। आकाशदीप के पिता हरमेश सिंह का दावा था कि वह प्रभजोत कौर और उसके परिजनों को नहीं जानते। घटना की सूचना मिलने के बाद ही युवती के परिजनों से संपर्क हुआ है। जबकि आकाशदीप 29 अक्तूबर को मुंबई में नौकरी करने के लिए गया था। यहां पांच दिन रहा भी था। जबकि प्रभजोत के परिजनों का रवैया कतई बदला हुआ था। एसओ सुनील कुमार ने बताया कि घटना वाले दिन ही प्रभजोत के परिजनों को सूचना दे दी थी। लेकिन वह आने को तैयार नहीं थे। उनके बोलचाल के लहजे से लग रहा था कि वह प्रभजोत से नाराज हैं।सोमवार को परिजन मेरठ में पोस्टमार्टम कराने के बाद प्रभजोत के शव को घर ले गए।