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अमन मौत मामला: 'हर जन्मदिन पर आएगी भाई की याद, दरवाजे पर आहट से चौंक उठती है मां', सुन्न कर ये देगी कहानी

Sun, 22 Sep 2024 01:08 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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Aman Death Case - फोटो : अमर उजाला
इकलौते भाई को खोने वाली सोनी और माही के आंसू नहीं थम रहे। वह अपने मां-बाप को संभालने में जुटी हैं। बहनों का कहना है थार सवारों ने हमारे भाई अमन को हमसे छीन लिया। साथ ही पूरे परिवार के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। हमने क्या-क्या सपने देखे थे। एक सप्ताह बीत गया, लेकिन पुलिस अब तक न तो जांच पूरी कर पाई और न ही थार सवार पकड़े गए। 
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
भाई तो चला गया अब उसे इन्साफ दिलाने तक लड़ते रहेंगे। इंग्लैंड में जॉब करने वाली सोनी ने बताया कि वह तीन साल से इंग्लैंड में रहती हैं। ऐसा कोई दिन नहीं, जब वह भाई से बात नहीं करती थीं। इस घटना से भी पहले मेरी करीब दो घंटे भाई से बात हुई थी। माही के जन्मदिन को लेकर वह बहुत खुश था। माही को क्या गिफ्ट दिया जाएगा, उसने मुझसे ही सलाह ली थी। इकलौते भाई को खोने का दुख क्या होता है यह मैं और मेरा परिवार ही जान सकता है। भाई को इन्साफ दिलाने तक मैं इंग्लैंड नहीं जाऊंगी। 
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
दर्द... हर जन्मदिन पर आएगी भाई की याद
छोटी बहन माही ने बताया कि भाई हर साल मेरा जन्मदिन मनाते थे। वह मेरे लिए केक और गिफ्ट लेने घर से निकले थे। उस मनहूस रात को कभी नहीं भूल पाऊंगी। भाई ने मुझे कॉल कर बताया था कि माही थार सवार युवकों से मेरा झगड़ा हो गया है। केक लाने में देर हो जाएगी। इसके बाद कॉल कट गई थी। जब जब मेरा जन्मदिन आएगा, मुझे भाई की हर एक बात याद आएगी। 

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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
रिटायरमेंट पर कार्यक्रम करना चाहते थे
सोनी ने बताया कि उनके पिता जनवरी 2025 में रिटायर होने वाले हैं। अमन, माही और मैंने तय किया था कि पापा के रिटायरमेंट पर बड़ा कार्यक्रम करेंगे। मैंने भी जनवरी में ही घर लौटने का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन भाई की माैत की खबर मिलने पर मैं उसी दिन इंग्लैंड से रवाना हो गई थी।  
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थार से अमन को कुचलने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
दरवाजे पर आहट से चौंक उठती हैं अमन की मां
शहर के चंद्र नगर गली नंबर छह निवासी योगेंद्र कुमार की पत्नी निर्मला बेटे अमन कुमार की मौत के गम से अब तब नहीं निकल पाई हैं। दरवाजे पर हल्की सी आहट से भी वह चौंक उठती हैं। उन्हें लगता है कि मेरा बेटा घर आ गया है। निर्मला की ऐसी हालत देखकर पति योगेंद्र और उनकी दोनों बेटियां माही और सोनी भी फूट-फूट कर रोने लगती हैं। पिता योगेंद्र कुमार का कहना है कि थार सवारों को पुलिस बचाने में जुटी है, लेकिन हमारा दुख पुलिस को क्यों दिखाई नहीं दे रहा है।
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर छाया जस्टिस फॉर अमन
सोशल मीडिया पर भी अमन को इन्साफ दिलाने के लिए मांग शुरू हो गई। लोग अपनी अपनी आईडी से अमन के फोटो पोस्ट कर उस पर लिख रहे हैं जस्टिस फॉर अमन। इस पर लोग रि पोस्ट भी कर रहे और अमन के साथ जुड़ी यादों को शेयर कर रहे हैं। इंस्टाग्राम आईडी से एक यूजर ने अमन का फोटो पोस्ट किया। जिस पर उसने लिखा है कि अमन की मौत हादसे में नहीं हुई, बल्कि उसे कुचलकर मौत के घाट उतारा गया है। अमन और उसके परिवार को इन्साफ मिलना चाहिए। 
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मुरादाबाद में अमन की माैत के बाद गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर अमन और उनकी बहनों के फोटो और वीडियो भी शेयर की गई है। जिसमें तीनों भाई-बहन बहुत खुश नजर आ रहे हैं। यह वीडियो पहले माही के पिछले जन्मदिन का बताया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा है कि इस हंसते खेलते परिवार को रईसजादों ने गम और दुखों में धकेल दिया। इस परिवार को इन्साफ मिलना चाहिए। रईसजादों को उनकी करनी की सजा मिले, ताकि वह किसी दूसरे परिवार को ऐसा दुख न दे पाएं। एक यूजर ने लिखा है कि अमन के साथ बिताए पलों को कभी नहीं भूल पाऊंगा। 
 
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अमन की माैत मामला - फोटो : अमर उजाला
अमन बहुत की संस्कारी और सभी को सम्मान देने वाला इंसान था। उन मां-बाप पर क्या बीत रही होगी। जिन्होंने अपने इकलौते बेटे को खो दिया। वह बहनें भाई को कैसे भूल पाएंगी, जिन्होंने भाई के साथ सालों बिताए। हर एक दुख सुख में साथ रहे। हर दिवाली, होली, रक्षाबंधन और न जाने कब-कब तक भाई को याद कर दुखी होंगी। कुछ यूजर ने तो लोगों से भी अपील की है कि सभी को इस परिवार को इन्साफ दिलाने के लिए आगे आना चाहिए।
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