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Agneepath Yojana: बिहार के बाद मेरठ में विरोध में उतरे युवा, दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, 20 को दिल्ली कूच

Thu, 16 Jun 2022 01:09 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

नई भर्ती प्रक्रिया से पश्चिमी यूपी के युवा भी नाराज हैं। मेरठ में गुरुवार को युवाओं ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। जिटौली गांव में भर्ती की तैयारी कर रहे सागर तोमर ने कहा कि वह पिछले 5 साल से प्रयास कर रहे हैं। काफी पैसा खर्च हो चुका है। अब चार साल के लिए नौकरी करेंगे और भविष्य का पता नहीं। 
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प्रदर्शन करते युवा - फोटो : amar ujala
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेना भर्ती की नई प्रक्रिया लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत चार साल के लिए भर्ती होगी। इस नीति को लेकर जिले में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवा संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि नई नीति में आयु सीमा भी कम की जा रही है और सेवाकाल भी बेहद कम हो गया है। ऐसे में युवाओं के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। अधिकतर युवाओं ने नई नीति को लागू न करने और इसे वापस लेने की मांग की है।

युवाओं ने दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, 20 को दिल्ली कूच
सेना में चार साल की सेवा के नए फैसले के बाद युवाओं में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बिहार के बाद अब उत्तर प्रदेश के मेरठ में युवाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। आसपास के इलाकों से आए युवाओं ने मेरठ कमिश्नरी पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। युवाओं ने कमिश्नर के नाम ज्ञापन दिया। वहीं, सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। कहा कि अगर फैसला वापस नही लिया गया तो 20 जून को दिल्ली कूच किया जाएगा। इसके अलावा हाइवे और एक्सप्रेसवे को जाम करने की चेतावनी भी दी है। युवाओं की संख्या को देखते हुए कमिश्नरी का प्रवेश द्वार भी बंद करना पड़ा।

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मेरठ कमिश्नरी - फोटो : amar ujala
इस समय मेरठ जिले में एक हजार से ज्यादा युवा सेना भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। नई भर्ती प्रक्रिया से नाराज युवाओं ने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है। पिछले ढाई साल से सेना भर्ती न होने से युवा हताश और परेशान हैं। ऐसे में नई भर्ती प्रक्रिया ने युवाओं को झटका दे दिया है। कुछ युवा पिछले 4 से 5 साल से भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। ये युवा आयु सीमा, सेवाकाल, ग्रेच्युटी, पेंशन सहित अन्य सुविधाओं को लेकर भी चिंतित हैं।
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सेना भर्ती की तैयारी करते युवा - फोटो : amar ujala
नई नीति को वापस ले सरकार
जिटौली गांव में फिजिकल डिफेंस एकेडमी के एमडी एवं पूर्व सैनिक आदेश पूनिया ने बताया कि प्रतिवर्ष सेना से 55 हजार सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं। इसके बावजूद 19 अक्तूबर 2019 से भर्ती प्रक्रिया नहीं हो पाई, जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं। सरकार ने 46 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया लाने की बात कही है, लेकिन नई भर्ती प्रक्रिया से निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि 30,000 रुपये के वेतन में 20 से 21 हजार रुपये हाथों में आएंगे। सरकार को नई नीति वापस लेनी चाहिए।

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सेना भर्ती की तैयारी करते युवा - फोटो : amar ujala
भर्ती की तैयारी में ही काफी खर्च हो गया
जिटौली गांव में भर्ती की तैयारी कर रहे सागर तोमर ने कहा कि वह पिछले 5 साल से प्रयास कर रहे हैं। काफी पैसा खर्च हो चुका है। अब चार साल के लिए नौकरी करेंगे और भविष्य का पता नहीं। सरकार के इस निर्णय ने निराशा हुई। यह निर्णय वापस लेना चाहिए। 
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सेना भर्ती की तैयारी करते युवा - फोटो : amar ujala
अभी तो पहली भर्ती भी नहीं देखी
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में लंबे समय से सेना भर्ती के लिए दौड़ सहित अन्य अभ्यास कर रहे शोहबीर कहते हैं कि वह बचपन से ही सेना में जाने का सपना देख रहे हैं। कुछ साल से कड़ा अभ्यास भी कर रहे हैं, लेकिन अब तक पहली भर्ती भी नहीं देखी है। नई भर्ती नीति युवाओं के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
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मेरठ में विरोध करते युवा - फोटो : amar ujala
नई नीति को लागू न किया जाए
स्टेडियम में ही तैयारी कर रहे दीपक बिष्ट ने बताया कि सेना भर्ती की प्रक्रिया के लिए नई नीति उनके भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इसे वापस लिया जाना चाहिए। इसे लागू न किया जाए।

26 जून को करेंगे विरोध प्रदर्शन
भर्ती की तैयारी कर रहे अनिकेत प्रजापति का कहना है कि इसी नीति के विरोध में 26 जून को चौधरी चरण सिंह विवि में प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए अधिक से अधिक युवाओं को बुलाया जाएगा।
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