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UP: जुमे की नमाज को लेकर मेरठ समेत सभी जिलों में अलर्ट, झूठे वायरल मैसेज ने लिखी थी सहारनपुर में उपद्रव की पटकथा

Thu, 16 Jun 2022 12:32 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

  पूरे प्रदेश में जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
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बाजार में पसरा सन्नाटा - फोटो : amar ujala
10 जून को जुमे की नमाज के बाद वेस्ट यूपी के सहारनपुर में विवाद की स्थिति बनी थी। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी घटनाएं हुई थीं। इसके बाद से पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। अबकी बार जोनल सेक्टर और सब सेक्टर व्यवस्था भी लागू की जाएगी। धारा 144 लागू रहेगी। वहीं मेरठ समेत पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर भी पुलिस-प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए है।

सहारनपुर में 10 जून 2022 की नमाज के बाद शहीदगंज बाजार से होते हुए 20 साल से कम आयु के कुछ बच्चे नारे लगाते हुए घंटाघर पहुंच गए। उनके इस अचानक कृत्य से नगर के जिम्मेदार दुखी हैं। इस पर गंभीरता से विचार कर प्रबंध समिति वक्फ जामा मस्जिद कलां, शहीद गंज ने निर्णय लिया है कि 17 जून की जुमे की नमाज, नमाजी अपने-अपने मोहल्ले में ही अदा करें। ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। जामा मस्जिद में भी अधिक भीड़ एकत्रित न हों। यह फरमान जामा मस्जिद की प्रबंध समिति ने लिखित में जारी किया है।
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सहारनपुर में बवाल के बाद गश्त करती पुलिस फोर्स - फोटो : amar ujala
10 जून की पुनरावर्ति न होने की अपील
10 जून को जामा मस्जिद के बाहर जुमा की नमाज के बाद नारेबाजी के बाद घंटाघर, श्रीराम चौक, नेहरु मार्किट में उपद्रव मचा। हालांकि उपद्रव करने की योजना का खाका पहले ही खींचा हुआ था। लोहानी सराय, वुड कार्विंग मार्केट और नखासा बाजार की हर दुकान पहले से ही बंद थीं।

जामा मस्जिद के पास सभी बाजारों में मुस्लिम समाज की सभी दुकानों पर पहले से ही ताले लटके हुए थे। पुलिस ने 232 उपद्रवियों को सोशल मीडिया, सीसीटीवी के माध्यम से चिन्हित भी किया है। जिनमें से 102 उपद्रवियों को पुलिस ने जेल भी भेज दिया है। जामा मस्जिद की प्रबंध समिति ने 17 जून को अपने-अपने मोहल्ले में नमाज न पढ़ने की अपील की है। जिसका एक लेटर भी जारी किया है।
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सहारनपुर में बवाल - फोटो : amar ujala
झूठे वायरल मैसेज ने लिखी थी उपद्रव की पटकथा
8 जून को जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की फोटो लगाकर मैसेज वायरल हुआ था। पुलिस को नौ जून को पता चला। पुलिस अलर्ट हुई। 9 जून को सुबह से देर शाम तक गश्त बढ़ाई, लेकिन पुलिस की व्यवस्था गश्त तक ही सीमित रही।

पुलिस भी पीस कमेटी के आश्वासन पर आराम से बैठी थी। बस नजर थी देवबंद पर। देवबंद में पुलिस बंदोबस्त अच्छा था, लेकिन नगर को हल्का छोड़ा था, यानी कम फोर्स थी। यही कारण था कि देवबंद की कमान डीएम अखिलेश सिंह और एसएसपी आकाश तोमर ने संभाली थी। नगर की मंडलायुक्त डॉ.लोकेश एम. और आईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने संभाली हुई थी। नगर का माहौल देवबंद से ज्यादा खराब हुआ तो दोनों अधिकारी यहीं पर आ गए और व्यवस्था को संभाला। उपद्रव शांत भी किया। उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी कराई, जो अभी तक चल रही है।

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सहारनपुर में बवाल के बाद गश्त करती पुलिस फोर्स - फोटो : amar ujala
उपद्रवियों ने बनाया था मास्टर प्लान
नवाबगंज चौक और जामा मस्जिद के पास भीड़ को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात नहीं किया गया था। हालांकि मंडलायुक्त लोकेश एम. और आईजी प्रीतिंदर सिंह पुलिस बल के साथ नमाज से पहले भ्रमण कर चुके थे। दोपहर करीब 1.25 बजे जैसे ही जुमे की नमाज खत्म हुई। 

मास्टर प्लान के साथ उपद्रवी कटपीस वाली गली, नया बाजार, चूडी मोहल्ला, नखासा बाजार, हलवाई जान गली निकल कर जामा मस्जिद पर इकट्ठा हो गए थे। नमाज के बाद इन गलियों से निकलकर उपद्रवियों ने नारेबाजी की और घंटाघर और श्रीराम चौक पर उपद्रव मचाया।
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सहारनपुर में गश्त करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
जिम्मेदारों को पहले ही दिया गया था नोटिस
डीएम अखिलेश सिंह ने जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी। मुस्लिम समाज के जिम्मेदार पहले ही इस प्रकरण को लेकर ज्ञापन दे चुके थे। उन्हें नोटिस भेज कर हिदायत भी दी गई थी कि 10 जून को कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।

जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर उतरे मुस्लिम समुदाय के लोगों में शामिल कुछ खुराफाती युवकों ने शहर को दंगे की आग में झोंकने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन मुस्लिम समुदाय के ही अमन पसंद लोगों के प्रयास तथा प्रशासन व पुलिस अधिकारियों द्वारा सही समय पर सही एक्शन लेने की वजह से बच गया।
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हिंसा के बाद बैठक करते अधिकारी - फोटो : amar ujala
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बुुधवार को मुस्लिम समाज के लोगों से अपने-अपने क्षेत्र की मस्जिदों में ही जुमे की नमाज पढ़ने और जनपद में शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने बैठक में शामिल हुए पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्र के शरारती तत्वों पर नजर रखने को कहा, जिससे जनपद में अमन और चैन बनाए रखा जा सके। 

बैठक में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि नूपुर शर्मा द्वारा बयान दिल्ली में दिया गया, जिन पर पार्टी की ओर से कार्रवाई हो चुकी है। एफआईआर भी उनके विरुद्ध हुई है, जिसके बाद कानून अपना काम करेगा। ऐसे में सहारनपुर में प्रदर्शन या विरोध करने का अब औचित्य नहीं बनता है। स्पष्ट किया कि प्रशासन पिछली घटना से सबक लेकर आगामी अवसरों पर पूरी सतर्कता बरतेगा और कैमरों व सर्विलांस आदि के माध्यम से संवेदनशील स्थानों पर आने-जाने वाले एक-एक व्यक्ति पर नजर रखी जाएगी।
 
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