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योगीराज 2.0: योगी सरकार में दूसरी बार मंत्री बने पश्चिम के ये दो चेहरे, दिनेश की जीत ने रचा था इतिहास, दिलचस्प है पूरी कहानी

Fri, 25 Mar 2022 07:13 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

पश्चिमी यूपी से दो ऐसे चेहरे सामने आए हैं, जो योगी सरकार में दूसरी बार मंत्री बने हैं। खास बात यह है कि दिनेश खटीक ने इस बार भी जीत हासिल कर हस्तिनापुर के इतिहास को बरकरार रखा।
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दिनेश खटीक और कपिल देव अग्रवाल। - फोटो : amar ujala
योगी मंत्रिमंडल में पश्चिमी यूपी के कई ऐसे चेहरों को जगह मिली हैं, जिन्हें योगी सरकार में दूसरी बार मंत्री बनने का मौका मिला है। जबकि दो नए ऐसे चेहरे हैं, जो दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। खास बात यह है कि चुनाव से कुछ समय पहले ही हस्तिनापुर से विधायक दिनेश खटीक को मंत्री बनाया गया था। अभी तक के इतिहास में हस्तिनापुर सीट से जो भी विधायक बनता है, प्रदेश में उसी की सरकार बनती है। इस परंपरा को दिनेश खटीक ने इस बार भी जीत हासिल कर बरकरार रखा है। इस वजह से भी उन्हें अहम माना जा रहा था। वहीं पश्चिमी यूपी के लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि यहां से कई नेताओं को मंत्री बनाया गया है।

ये 10 चेहरे मंत्री लिस्ट
पश्चिम के जिलों की बात करें तो मुरादाबाद से जाट समाज से भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री, मुजफ्फरनगर से वैश्य समाज से कपिल देव अग्रवाल को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, संभल से दलित समाज से गुलाब देवी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गाजियाबाद से नरेंद्र कश्यप को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। मेरठ से दिनेश खटीक को राज्यमंत्री और डॉ. सोमेंद्र तोमर को राज्यमंत्री बनाया गया है। बागपत से केपी मलिक को राज्यमंत्री, गाजियाबाद से नरेंद्र कश्यप को राज्यमंत्री, सहारनपुर देवबंद से ब्रजेश सिंह को राज्यमंत्री और जसवंत सैनी एवं रामपुर से बलदेव सिंह औलख को राज्यमंत्री बनाया गया है।
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दिनेश खटीक - फोटो : amar ujala
वहीं इन नेताओं को मंत्री बनाए जाने से पश्चिमी यूपी में खुशी की लहर दौड़ गई है। सभी जिलों में मंत्रियों के स्वागत के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 
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कपिल देव अग्रवाल - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर से विधायक चुने गए कपिल देव अग्रवाल भाजपा के दिग्गज नेता है और उन्होंने चौथी बार जीत हासिल की है। कपिल देव अग्रवाल नगर पालिका के अध्यक्ष भी रहे हैं।

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दिनेश खटीक। - फोटो : amar ujala
हस्तिनापुर का इतिहास
जो हस्तिनापुर जीतता है, उसी की सरकार बनती है। हस्तिनापुर विधानसभा सीट को लेकर चला आ रहा ये मिथक इस बार भी नहीं टूटा। मेरठ में जहां भाजपा के दिग्गज हार गए वहीं, दिनेश खटीक ने इस सीट से दूसरी बार विधायक बनने का भी इतिहास बना दिया। 
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योगेश वर्मा, दिनेश खटीक और अर्चना गौतम। - फोटो : amar ujala
हस्तिनापुर सीट 1957 में प्रभाव में आई थी। 1967 तक यहां से कांग्रेस के विधायक चुने गए और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के चुनाव में यह सीट सुरक्षित हो गई। वर्ष 1969 में यहां से भारतीय क्रांति दल के आशाराम इंदू विधायक बने तो चौधरी चरण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1974 में कांग्रेस से रेवती शरण मौर्य जीते तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी। अगला चुनाव रेवतीशरण मौर्य 1977 में जनता पार्टी से लड़कर जीते तो प्रदेश में सरकार भी बदल गई। इस बार जनता पार्टी की सरकार बनी।
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दिनेश खटीक, योगेश वर्मा, अर्चना गौतम। - फोटो : amar ujala
1996 में इस सीट से अतुल कुमार खटीक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते। इसे इत्तेफाक ही कहेंगे प्रदेश में किसी भी पार्टी को वोट नहीं मिली और राष्ट्रपति शासन लग गया। ये अपवाद भी रहा वर्ष 2002 में सपा के प्रभुदयाल वाल्मीकि यहां से चुनाव जीते लेकिन सरकार भाजपा-बसपा गठबंधन की बनी। हालांकि गठबंधन एक साल भी नहीं चला और सपा ने आखिरकार जोड़तोड़ करके सरकार बना ली।
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भाजपा विधायक दिनेश खटीक - फोटो : अमर उजाला
वहीं 2007 में यहां से बसपा के प्रत्याशी योगेश वर्मा चुनाव जीते तो प्रदेश में बसपा की ही सरकार बनी। 2012 में सपा के प्रभु दयाल वाल्मीकि जीते तो प्रदेश में सपा की सरकार बनी। 2017 में भाजपा के दिनेख खटीक चुनाव जीते तो सूबे में भाजपा की ही सरकार बनी। इस बार भी ये मिथक बना रहा। अब 2022 में भी मेरठ में सात विधानसभा सीटों में से भाजपा तीन पर ही जीत हासिल कर पाई लेकिन, बहुमत प्रदेश में भाजपा को ही मिला।
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