पंकज जैन।
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मानव सेवा से बढ़कर कुछ नहीं
दंपती कहते हैं कि उनकी सोच यही है कि मानव सेवा से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं है। वे किसी गरीब की शादी हो, खाना खिलाना हो, कोई बीमार हो या धार्मिक अनुष्ठान हो तो जो संभव मदद होती है, कर देते हैं।