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PHOTOS: बुजुर्ग दंपती की दास्तां, लाडले बेटे की मौत से भूल चुके थे जिंदगी, फिर संभले और शुरू किया ऐसा काम, आप भी करेंगे सलाम

Mon, 23 May 2022 09:09 PM IST
कपिल kapil अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ: बुजुर्ग दंपती। - फोटो : amar ujala
बुजुर्ग माता-पिता के सामने इकलौते जवान बेटे की मौत दुनिया का सबसे बड़ा गम माना जाता है। उनके लिए जीवन में जैसे सब खत्म हो जाता है, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो न सिर्फ इस गम से उबरकर जिंदगी को नए मायने देते हैं बल्कि लोगों के लिए नजीर भी बन जाते हैं। ऐसे ही हैं, मेरठ में सोमदत सिटी सराय रोड के रहने वाले बुजुर्ग दंपती पंकज जैन और संतोष जैन। 

इनके साथ भी ऐसी ही दुखद अनहोनी हुई जब इनके इकलौते होनहार बेटे अमित जैन (33) की सड़क दुर्घटना में असमय मौत हो गई। इस असहनीय पीड़ा के बावजूद उन्होंने न सिर्फ खुद को संभाल लिया है बल्कि आज दूसरों का भी सहारा बन रहे हैं। जरूरतमंदों और होनहारों की मदद कर रहे हैं। अब तक करीब 70 लाख रुपये दान कर चुके हैं।
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पंकज जैन। - फोटो : amar ujala
पंकज जैन सिविल कैंटीन ठेकेदार रहे हैं। इनकी बेटी आरती की शादी गुड़गांव में हुई है। बेटी के पति की भी पिछले साल कोरोना से मौत हो गई थी। बेटी इनसे मिलने आती रहती है, वैसे दोनों अकेले ही रहते हैं। 
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बेटे का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
दंपती बताते हैं कि वह 15 मई 2013 की रात थी, जब उनका बेटा अमित जैन मद्रास से अपनी कंपनी के कुछ साथियों के साथ बस से बंगलुरु लौट रहा था। अमित बेंगलुरु की निजी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर था। रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया, जिसमें अमित समेत पांच लोगों की मौत हो गई। उनकी तो जैसे जिंदगी बिखर गई। सपने चकनाचूर हो गए। ऐसा लगा सब शून्य हो गया है। जैसे तैसे खुद को संभाला और 2014 से लोगों की मदद करने का बीड़ा उठाया। इससे मन को शांति मिलती है। 

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पंकज जैन। - फोटो : amar ujala
मानव सेवा से बढ़कर कुछ नहीं 
दंपती कहते हैं कि उनकी सोच यही है कि मानव सेवा से बढ़कर दुनिया में कुछ नहीं है। वे किसी गरीब की शादी हो, खाना खिलाना हो, कोई बीमार हो या धार्मिक अनुष्ठान हो तो जो संभव मदद होती है, कर देते हैं। 
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बेटे का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
छह साल से नर्सिंग के चार टॉपर्स को देते हैं 11-11 हजार रुपये 
उनका बेटा होनहार था, इसलिए होनहारों का सम्मान करते हैं। पिछले छह साल से एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज स्थित नर्सिंग कॉलेज के चार टॉपर्स स्टूडेंट्स को 11-11 हजार रुपये देकर सम्मानित करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे आजीवन ऐसा करते रहेंगे।
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