बाइकें जलकर हुईं राख।
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पुलिस के मुताबिक, ऊपरी मंजिल पर सिपाहियों के लिए बैरक बनी हैं। इनमें फिलहाल आठ सिपाही रह रहे हैं। हादसे के समय पांच सिपाही बाहर ड्यूटी पर गए हुए थे। तीन बैरक में आराम कर रहे थे। वहीं, साइबर सेल में सुमित राजौरिया और एक अन्य सिपाही काम कर रहे थे। केशव अत्री पहरे पर थे। जब आग लगी तो ऊपर बैरक में आराम कर रहे सिपाहियों ने कूदकर जान बचाई। वहीं, सुमित ने भी भागकर खुद को बचाया, मगर हाथ झुलस गया। बाहर खड़े केशव सिलिंडर को बंद करने के चक्कर में आग की चपेट में आए। मालखाना प्रभारी हेमेंद्र सिंह भी मामूली रूप से घायल हुए। हवालात में कोई मौजूद नहीं था।