पराग का फाइल फोटो।
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मयंक ने बताया कि उसने आठ फुट ऊंची दीवार कूदकर किसी तरह जान बचाई। ग्रामीणों ने मंदिर गए प्रयाग के पिता को जानकारी दी तो वे घर पहुंचे। गोलियां लगने के बाद प्रयाग लहूलुहान पड़ा था। उसके छाती, पेट, कमर, पैर और गर्दन पर सात जगह गोलियां लगी थी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण प्रयाग को उठाकर अस्पताल ले गए।