हरिद्वार से गंगा में तीन लाख, 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर जिले के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ से निपटने की तैयारियों जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने गंगा किनारे बसे गांव वालों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। बताया जा रहा है कि आज शाम तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगा, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मचा है।
हस्तिनापुर में शनिवार सुबह अचानक गंगा में जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में आ गए। वहीं शासन-प्रशासन के आधिकारी सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने गंगा के तटबंध पर पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को जल्द ही सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि शनिवार सुबह हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से छोड़े गए तीन लाख, 75 हजार क्यूसेक पानी से गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। वहीं जैसे-जैसे पानी बिजनौर बैराज की ओर बढ़ रहा है तो खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। वहीं क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक, एडीएम वित्त सुभाष चंद प्रजापति, एसडीएम कमलेश गोयल, तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय, सिंचाई विभाग के एसडीओ पीके जैन, सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने फतेहपुर प्रेम और गंगा घाट पर जाकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।