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तस्वीरें: पश्चिमी यूपी में कृषि कानूनों का जमकर विरोध, जगह-जगह फूंके सरकार के पुतले, हाथों में काले झंडे लेकर नारेबाजी

Wed, 26 May 2021 12:45 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में आज किसान काला दिवस मना रहे हैं। इस दौरान किसानों ने अपने घरों, ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया है। वहीं परतापुर के घोपला गांव में केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया।
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कृषि कानूनों का विरोध करते किसान। - फोटो : amar ujala
पश्चिमी यूपी के जिलों में किसान आज केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में काला दिवस मना रहे हैं। वहीं मेरठ में किसानों ने अपने घरों, ट्रैक्टरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया है। परतापुर के घोपला गांव में केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया। इस मामले की सूचना मिलने पर परतापुर पुलिस गांव में पहुंची तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, मेरठ के छुर गांव में भी किसानों ने सरकार के विरोध में अपने घरों व वाहनों पर काले झंडे लगाकर कृषि कानूनों का विरोध किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव मेरठ विनेश प्रधान, श्यामवीर तलियान, रंजीत सिंह, धर्मबीर, अनिल, कल्लू, रामपाल ओमबीर, अमित, जगबीर, राजकुमार आदि मौजूद रहे।

वहीं राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी इस लड़ाई को आगे लड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष मतलूब गोड़, प्रदेश संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान, राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किसान प्रकोष्ट राम मैहर गुर्जर, पूर्व जिलाध्यक्ष राहुलदेव, प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा, क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति नरेन्द्र सिंह खजूरी, क्षेत्रीय सचिव सोहराब ग्यास, जिला प्रवक्ता कमलजीत सिंह गुर्जर, वीरेन्द्र तोमर, सत्य चंद, सतेंद्र तोमर आदि मौजूद रहे।

भाकियू ने मनाया काला दिवस
किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को काला दिवस मनाया। शामली में किसानों ने अपने घरों और वाहनों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताया है। उधर, चौसाना क्षेत्र में किसानों ने बाइक रैली निकाली। भाकियू नेताओं ने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इस दौरान किसानों ने हाथों में काले झंडे लेकर कई गांवों में रैली निकाली।
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किसानों को समझाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
बागपत में आज काला दिवस मनाने के लिए भाकियू कार्यकर्ता राष्ट्र वंदना चौक पर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने चौराहे पर जगह-जगह काले झंडे लगाए। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सतर्कता बरतते हुए प्रशासन ने पहले से ही पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए हैं। 
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विरोध करते किसान। - फोटो : amar ujala
कृषि कानून कानूनों के विरोध में छह माह से आंदोलनरत किसानों की मांग पूरी न होने पर किसानों ने जिले भर में प्रदर्शन किए। दिल्ली-सहारनुपर हाईवे पर भाकियू नेताओं ने ट्रैफिक रोककर प्रदर्शन किया। वहीं काले झंडे लहराते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में एसडीएम अनुभव सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कृषि कानून वापस लेने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग की। हिम्मत सिंह, अश्वनी, नरेश, तनवीर अहमद, राजवीर सिंह गुर्जर, ओमकार सिंह, महेश, प्रदीप गुर्जर आदि मौजूद रहे।

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काले झंडे लगाते किसान। - फोटो : amar ujala
इसके अलावा बड़ौत में भाकियू नेताओं ने हाथों में काले झंडे लेकर दिल्ली बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। चांदीनगर क्षेत्र में ढ़िकौली, औगटी, पांची, नंगलाबडी गावों में पंचायत कर केंद्र सरकार के खिलाफ झंडे लहराए। सयुक्त मोर्चा किसान के आह्वान पर ढ़िकौली गांव के बनिया वाली जगह पर एक बैठक का आयोजन किया। इस दौरान एडवोकेट सोमेंद्र ढाका ने कहा कि पिछले छह माह से किसान कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में संदीप प्रधान, रामबीर ढाका, विनय ढाका, नीरज,वीरपाल, जयदेव, ओमप्रकाश, डॉ. जितेंद्र आदि किसान मौजूद रहे। इसके अलावा भी कई गांवों में काला दिवस मनाते हुए किसानों ने प्रदर्शन किए।
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मुजफ्फरनगर में कृषि कानूनों का विरोध करते किसान। - फोटो : amar ujala
मुजफ्फरनगर में तीनों कृषि कानूनों के विरोध व दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसान आज काला दिवस मना रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों से अपने घरों पर काले झंडे लगाने, विरोध प्रदर्शन करने और केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का आह्वान किया है। भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर जनपद में कई स्थानों पर किसानों ने काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शाहपुर, मंसूरपुर, पुरकाजी में विरोध प्रकट किया गया। 
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विरोध करते किसान। - फोटो : amar ujala
वहीं भूराहेड़ी में किसानों और रालोद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा जड़ौदा में भारतीय किसान यूनियन कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने काले झंडे के साथ काला दिवस मनाया। उधर, मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड स्थित राकेश टिकैत के आवास पर उनके परिजनों ने भी काले झंडे लेकर विरोध प्रकट किया।
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सहारनपुर में सरकार का पुतला फूंका। - फोटो : amar ujala
सहारनपुर में भाकियू (बेदी) के कार्यकर्ताओं ने शहर के नुमाइश कैंप स्थित कार्यालय के बाहर एकत्र होकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। उधर, गागलहेड़ी में भाकियू और सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका और हाथ में काले झंडे लेकर प्रदर्शन किया।
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कृषि कानूनों का विरोध करते किसान - फोटो : amar ujala
भाकियू ने मनाया काला दिवस, जिले भर में सरकार के पुतले फूंके

बिजनौर में भाकियू ने कार्यकर्ताओं ने तीनों कृषि कानूनों के विरोध व दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर आज काला दिवस मनाया। भाकियू पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने जिलेभर में सरकार के पुतले फूंककर विरोध जताया। कई जगह किसानों ने काले झंडे लगाए। एक दिन पहले ही भाकियू नेताओं ने पुतले फूंकने का आह्वान कर दिया था। बुधवार को मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक, नजीबाबाद, धामपुर, किरतपुर, नगीना, चांदपुर समेत कई क्षेत्रों में किसानों ने काले झंडे और पुतले फूंककर विरोध जताया।
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