विलाप करते परिजन
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15 दिन पहले दंपती के बीच फिर विवाद हुआ, जिसके बाद मंजू अपने पति को छोड़कर आगरा अपने मायके में चली गई। एक सप्ताह से मीना गौतम अपने बेटे निर्देश को लेकर चिंतित थीं। उन्होंने बेटी अंजली और दामाद देवेश से मेरठ चलने को कहा। पांच-छह दिन से देवेश अपने साले को कॉल कर रहे थे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो रहा था।
मंगलवार शाम चार बजे देवेश, अंजली और मीना शास्त्रीनगर में निर्देश की कोठी पर पहुंचे। दरवाजे का कुंडा लगा था, जिसे खोलकर वे अंदर आ गए। एक कमरे से बदबू आ रही थी। तीनों जैसे ही कमरे में गए तो निर्देश का काला पड़ चुका और फूल चुका शव पड़ा था। जानकारी लगते ही लोगों की भीड़ लग गई।