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पिता संतु मालाकर ने बताया स्नेहाशीष के मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई है, जिससे नेटवर्क नहीं मिल पा रहा है। उसके दोस्त के फोन से बात हुई है, भारतीय समयनुसार वो अपने साथियों के साथ रोमानिया में प्रवेश कर गए हैं। जबकि बस से रोमानिया एयरपोर्ट के लिए निकल गए हैं। जहां तक पहुंचने में करीब 9 घंटे लगेंगे।
सोमवार शाम तक फ्लाइट मिलेगी, जबकि मंगलवार तक ही छात्र भारत पहुंच पाएंगे। पिता ने बताया रातभर जागकर काट रहे हैं, बच्चों की फिक्र ने तोड़ दिया है। उन्होंने सुबह भारतीय दूतावास से संपर्क साधा, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिससे बच्चों की फिक्र ज्यादा बढ़ गई है। दोपहर में रोमानिया में प्रवेश होने के बाद थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अधिकतर छात्र अभी भी बॉर्डर और आवासों पर फंसे हुए हैं।