काजल।
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रोहटा रोड निवासी काजल वर्मा लवीब शहर में एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। पिता विनोद वर्मा ने बताया नेटवर्क भी नहीं हैं, जिससे कभी कभी ही बात हो पा रही है। वो 24 घंटे से ज्यादा जंगलों में फंसी हुई है। काजल कंकरखेड़ा की मानसी चौधरी सहित 23 भारतीय साथियों के साथ पौलेंड बॉर्डर के लिए निकली थीं। उनके साथ 15 सौ छात्र-छात्राएं हैं। मानसी के पिता अनुज चौधरी ने बताया कि दोनों बच्चियां चिप्स और पानी से ही काम चला रही हैं। उन्होंने एक दुकान में शरण ली, लेकिन सुबह उन्हें वह जगह भी छोड़नी पड़ी।