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Rapid Rail Update: रैपिड रेल की सुरंग के लिए पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर समेत 40 परिवारों ने खाली किए घर, मेरठ शहर में अलर्ट

Tue, 07 Jun 2022 03:38 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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रैपिड रेल के पिलर निर्माण का कार्य चल रहा है। - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के लिए शहर में सुरंग खोदाई के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। जली कोठी स्थित 1936 में बनी नादिर अली बिल्डिंग को सुरक्षा की दृष्टि से सोमवार को खाली करा दिया गया। करीब 45 वर्ष से यहां रह रहे पूर्व मंत्री और विधायक शाहिद मंजूर परिवार संग किठौर चले गए हैं। वहीं एनसीआरटीसी ने कुछ परिवारों के रहने का इंतजाम होटल मेट्रो रीजेंसी में किया है। इस इलाके में सुरंग का काम होने के बाद करीब आठ दिन में इन परिवारों को अपने घरों में वापसी की अनुमति मिलेगी। 

दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के लिए गांधी बाग से मेट्रो प्लाजा के आगे तक करीब 5.8 किलोमीटर दूरी में सुरंग बनाने का काम चल रहा है। यह घनी आबादी वाला इलाका है। सुरंग के लिए करीब 17 मीटर गहरे तक खोदाई की जा रही है। एनसीआरटीसी ने इस इलाके में बने मकानों का पहले ही अध्ययन कर लिया था। अधिकारियों का दावा है कि सुरंग से मकानों को कोई नुकसान नहीं होगा। फिर भी एहतियात के तौर पर नादिर अली बिल्डिंग में रहने वाले परिवारों को शिफ्ट किया गया है। यह परिवार अपने साफ जरूरी वस्तुएं ले गए हैं जबकि घर का 90 फीसदी सामान बिल्डिंग में ही रखा है। एनसीआरटीसी ने खाली कराए गए मकानों की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए हैं। नादिर अली बिल्डिंग में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यूसुफ कुरैशी, सुहैल परवेज, प्रोफेसर अब्दुल हफीज के परिवार भी चार से आठ दिनों के लिए शिफ्ट हो गए हैं।
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मेरठ: रैपिड रेल - फोटो : amar ujala
दुकानें भी कराई जाएंगी बंद 
भैसाली स्टेशन से सुरंग खोदाई मशीन मेट्रो प्लाजा की ओर बढ़ने लगी है। जैसे-जैसे सुरंग बनाने के लिए मशीन चलेगी आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए लोगों के ठहरने का इंतजाम होटलों में किया जाएगा। साथ ही दुकानों को बंद करा दिया जाएगा। शहर में सुरंग बनाने का काम अप्रैल में शुरू हुआ था। 

खर्च उठाएगा एनसीआरटीसी
एनसीआरटीसी ने सुरंग वाले इलाके को चिह्नित कर घरों के आगे एक गोलाकार वस्तु लगा दी है। इससे सुरंग के एलाइनमेंट की पहचान होती है। सुरंग के 50-100 मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों की होटलों में व्यवस्था का खर्च एसीआरटीसी उठाएगा।
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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
लगाया इमरजेंसी नंबर, क्षेत्र में अलर्ट
फैज-ए-आम कॉलेज के पास नादिर अली बिल्डिंग के घरों पर खतरा और सावधान के रिबन लगा दिए गए हैं। यहां एक इमरजेंसी नंबर भी चस्पा किया गया है। आपातकालीन स्थिति में लोग इस नंबर पर फोन कर सकते हैं। इस क्षेत्र में लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।  

दोनों तरफ चलेगी सुरंग खोदाई मशीन
शहर में मेरठ सेंट्रल स्टेशन (मेट्रो प्लाजा) से गांधी बाग तक सुरंग का निर्माण किया जाना है। सबसे अहम बात ये है कि ट्रेन के आने और जाने क लिए बारी-बारी से दो सुरंग बनाई जाएंगी। एक मशीन भैंसाली से मेरठ सेंट्रल, दूसरी मशीन भैसाली से बेगमपुल और उसके बाद बेगमपुल से गांधी बाग तक सुरंग खोदाई मशीन चलाई जाएगी।

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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
कारोबार पर असर
हमारे यहां संगीत यंत्र बनाए जाते हैं। देश-विदेश से लोग आते हैं। इसलिए एक दिन भी कारोबार बंद रहने से दिक्कतें होती - राहिल फरहत

कारोबार के लिए मांगी मोहलत
रैपिड रेल चलने से काफी राहत मिलेगी लेकिन कुछ दिक्कतें भी झेलनी पड़ रही हैं। अब चार से आठ दिन तक व्यापार बंद करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ घंटे की मोहलत हमने मांगी हुई है - फरहत मसूद

होटल में ठहरे हैं, कोई दिक्कत नहीं
हमारा आवास बंद करा दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए हम भी होटल में परिवार सहित शिफ्ट हो गए हैं। होटल मेट्रो में हमें भेजा गया है - मौहम्मद अय्यूब
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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
हम सहयोग देंगे
रैपिड रेल के कार्य में सहयोग देने के लिए तैयार है। चार से आठ दिनों तक बाहर रहना पड़ेगा। सुरक्षा की दृष्टि से हम भी बाहर रहेंगे जिससे कोई दिक्कत न हो सके - याकूब

बस कुछ दिन की बात है
इतने बड़े प्रोजेक्ट में कुछ असुविधा तो झेलनी पड़ेगी। हम सभी 30-40 घर होटल में रहने के लिए तैयार हुए। चार से पांच दिनों की बात है। इसका फायदा हमें ही मिलेगा - यूसुफ कुरैशी
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