आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर निर्माण कराया जाए तो जेहन में ये सवाल जरूर आता है कि अमुक व्यक्ति कहीं अवैध कार्यों तो लिप्त नहीं है। ऐसे ही एक निर्माण पर अमर उजाला ने जांच पड़ताल की तो खाकी के काले कारनामों की पोल खुलती चली गई। हस्तिनापुर के पूर्व थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने सवा दो साल तक एक ही थाने में जमे रहकर अकूत संपत्ति अर्जित की, बल्कि अपने पद का दुरुपयोग भी किया।यही नहीं, बताया गया कि इस आलीशन इमारत का खुलासा होते ही थानाध्यक्ष ने सबूत मिटाने की कोशिश भी की है। इससे संभावना जताई जा रही है कि थानाध्यक्ष के इस सीक्रेट बंगले में कहीं अवैध कार्य तो नहीं किए जा रहे थे। आगे पढ़ें पूरी रिपोर्ट :-
पोल खुलते ही जला दिए थे कागजात, फार्म हाउस पर लगाया था ताला
29 नवंबर 2020 के अंक में समाचार प्रकाशित कर इसकी पोल खोली थी। अमर उजाला में धर्मेंद्र के फार्म हाउस का खुलासा होने के बाद वहां तैनात हस्तिनापुर थाने के सिपाही और होमगार्ड को थाने बुला लिया गया था। फार्म हाउस में ताला लगा दिया गया था। खबर प्रकाशित होने के अगले ही दिन फार्म हाउस के बाहर कुछ जले हुए कागज देखे गए। जिससे यह साफ हो गया कि जांच शुरू होने से पहले ही कुछ सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया गया था। अब इस मामले में मेडिकल थाने में पूर्व थानाध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।