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यूपी: पांच घंटे चली कार्रवाई, नहीं थमी जेसीबी की रफ्तार, ध्वस्त हुए 27 कमरें, देखिए तस्वीरें

Fri, 13 Nov 2020 04:33 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर में गांव बिहारगढ़ स्थित पीर खुशहाल के आवास पर चलती जेसीबी। संवाद - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के बिहारगढ़ में वन विभाग की जमीन पर बनाए गए पीर खुशहाल के चिल्लागाह पर प्रशासन ने कार्रवाई की। इस दौरान उनके महल जैसे आवास के 27 कमरों को प्रशासन की जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया। वन विभाग ने चिल्लागाह की अधिकांश जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है।
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अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala
पीर खुशहाल ने वन विभाग से वर्ष 1975 में 98 बीघा जमीन 30 साल के लिए लीज पर लेकर बिहारगढ़ के जंगल में महलनुमा आवास बनवाया। लीज की सीमा समाप्त होने पर भी पीर खुशहाल ने जमीन खाली नहीं की। सरकारी मशीनरी और राजनेताओं पर पीर खुशहाल का इतना प्रभाव था कि 15 साल तक वन विभाग जमीन को खाली कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के पत्र के बाद जिला प्रशासन ने बुधवार को जमीन को खाली करने की कार्रवाई शुरू की। पहले दिन दस कमरे गिराए गए थे। 
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अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala
दूसरे दिन गुरुवार को प्रशासन ने पांच घंटे तक यहां खड़ी महल जैसी बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू किया। कार्रवाई के दौरान अब तक 27 कमरे जमींदोज कर दिए गए। कार्रवाई के दौरान डीएफओ सूरज कुमार, तहसीलदार जसविंद्र, नायब तहसीलदार अभय पांडे, सीओ जानसठ सोमेंद्र नेगी, सीओ जानसठ शकील अहमद, वन रेजंर राज सिंह पुंडीर, कुलदीप चौधरी, दीपक कुमार, मोहन बहुखंडी सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इसके लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी

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अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala
‘योगी सरकार ने जबरन दरगाह तुड़वाया’
गद्दी नशी मौलाना सूफी जव्वाद अहमद ने योगी सरकार पर दरगाह को जबरन तोड़ने का आरोप लगाया। 
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अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर - फोटो : amar ujala
खुशहाल के दरबार में नतमस्तक होती थीं हस्तियां
बिहारगढ़ में 45 साल तक अपनी सल्तनत खड़ी करने वाले पीर खुशहाल के दरबार में बड़ी-बड़ी हस्तियां नतमस्तक होती रही हैं। देशभर में उनकी मुरीदों की संख्या काफी है। यही वजह रही कि लीज की अवधि समाप्त होने के बाद भी वन विभाग जमीन पर कब्जा नहीं ले पाया। मोरना ब्लॉक के बिहारगढ़ में खुशहाल पुत्र बहादुरखान वर्ष 1964 में आए थे। धीरे-धीरे खुशहाल ने अपना वर्चस्व बढ़ाना शुरू कर दिया, जिसमें आसपास के लोगों के अलावा उसने राजनीतिक लोगों को अपना अनुयायी बनाया। वर्ष 1979 में अपना मूल निवास प्रमाणपत्र बनवा लिया। राजनेताओं के साथ-साथ अधिकारी भी उनकी चौखट पर आने लगे।

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