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मौत की मदिरा: जिसने भी होठों से लगाई उसका ही हुआ काम तमाम, शहर भर में मचा कोहराम

Sat, 09 Feb 2019 02:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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जहरीली शराब
सहारनपुर के इतिहास में शुक्रवार का दिन काला दिन बनकर आया। यहां मौत ने ऐसा तांडव किया कि एक दर्जन से भी ज्यादा गांवों में मातम पसर गया। हर तरफ रोने बिलखने और चीख पुकार की आवाजें सुनाई पड़ रहीं थीँ। जैसे ही जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत की खबर आई पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा लेकिन कुछ ही देर बार इन मौतों की संख्या बढ़ने लगी और ये सिलसिला 24 घंटे बाद भी नहीं थमा है। आगे देखें आखिर कैसे शराब बन गई मौत की मदिरा: -
 
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जहरीली शराब केस
मौत बंटती गई लाशें बिछती रहीं। जी हां ये कोई कल्पना नहीं है बल्कि यूपी के सहारनपुर जिले की एक ऐसी सच्चाई है जो हकीकत को बयां करती है। यहां मौत की शराब अब तक साठ से भी ज्यादा जिंदगियां लील चुकी है। यहां चेहरों पर मौत का खौफ साफ नजर आ रहा है। सहारनपुर के उमाही गांव की बात करें तो यहां शवों के अंतिम संस्कारों का सिलसिला अभी भी जारी है। वहीं जिस भी मकान की चौखट पर मृतक का शव पहुंचा उसी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। 
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जहरीली शराब केस
रात्रिभोज में बांटी गई मौत की शराब
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि उत्तराखंड में हरिद्वार जनपद के गांव बालुपुर में किसी ज्ञान सिंह के यहां पर बुधवार को रात्रि भोज हुआ था, जिसमें उमाही गांव के पिन्टू सहित अन्य लोग गए हुए थे। वहां कुछ लोगों ने शराब पी थी, जिसके बाद गांव लौटने पर उनकी हालत बिगड़ी।
 

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जहरीली शराब केस
दिव्यांग पिंटू ने बेचा था मौत का सामान
इसके अलावा पिन्टू ही बालुपुर गांव से शराब के पाउच खरीदकर लाया था, जिसे उसने अपने गांव उमाही के अलावा आसपास के गांवों में बेचा था। उसी शराब के पीने की वजह से लोगों की मौत हुई तथा खुद पिन्टू ने भी उसी शराब का सेवन किया, जिस कारण उसकी भी मौत हो गई। एसएसपी ने बताया कि बालुपुर गांव में कच्ची शराब बनाने वाले माफिया सक्रिय हैं। चूंकि उक्त बालुपुर गांव सहारनपुर जनपद की सीमा के नजदीक है, इस वजह से वहां से शराब लाई गई थी।  

 
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गंभीर हालत वालों को मेरठ भेजा गया 
जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय के अनुसार शराब पीने से बीमार होने के कारण 42 लोगों को सहारनपुर के जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से पहले तीन लोगों को गंभीर हालत के चलते मेरठ मेडिकल रेफर किया गया, लेकिन उसके बाद भी कई लोगों को मेरठ भेज दिया गया। 
 
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जहरीली शराब
दे रात तक किए गए पोस्टमार्टम 
जिले में 18 लोगों की मौत होने के कारण शुक्रवार को पोस्टमार्टम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने चिकित्सकों की अतिरिक्त ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस पर लगा दी गई। रात सात बजे तक 11 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका था, जबकि अन्य का पोस्टमार्टम रात तक चलता रहा। 
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शराब लाने वाले की भी हुई मौत  
जहरीली शराब बनाने और बेचने वालों को लेकर पुलिस कार्रवाई करने में जुटी हुई है। अभी तक मामले में किसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, लेकिन एसएसपी का कहना है कि गहनता से जांच चल रही है। अभी तक पिन्टू द्वारा ही शराब लाने की बात सामने आई है, उसने भी शराब पी थी और उसकी भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसे पहले कैंसर हुआ था जिसके बाद उसकी इलाज के दौरान आंते निकाल दी गईं थीं। लेकिन बावजूद इसके वह शराब पीता और बेचता था।

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होगी उच्चस्तरीय जांच
पिंटू के शव को चिता से निकलवाकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया जा रहा है कि वह तीन साल से कच्ची शराब बेच रहा था। अन्य जो लोग इस शराब की सप्लाई में शामिल रहे हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी तथा एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पुलिस ने बालुपुर गांव के कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। वहीं एसएसपी का कहना है कि गांव उमाही निवासी पिन्टू के घर से शराब के कुछ पाउच बरामद हुए हैं। उक्त शराब के पाउच को कब्जे में ले लिया गया है। सैंपल प्रयोगशाला भेजकर जांच कराई जाएगी कि इस शराब में किस द्रव्य की कितनी मात्रा थी, जो मृत्यु का कारण बनी। इस मामले में सीएम योगी ने भी जांच के आदेश दिए हैं।    

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तीन लोगों को लिया हिरासत में 
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से शराब बेचने वाले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक आरोपी ऐसा है, जो कुछ दिन पूर्व ही गागलहेडी थाना पुलिस द्वारा अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय से जमानत मिलने पर वह जेल से छूटकर बाहर आ गया और फिर से अवैध रूप से शराब बेचने के धंधे में लग गया।

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फूले प्रशासन के हाथ-पांव
गौरतलब है कि उत्तराखंड सहारनपुर की सीमा से सटे क्षेत्रों में कच्ची शराब और अवैध शराब का धंधा चोरी छिपे बड़े पैमाने पर होता है। यहीं से बड़ी मात्रा में कच्ची शराब की सप्लाई भी होती है और संबंधित अधिकारियों को इसकी खबर नहीं है। शुक्रवार शनिवार तक इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने के बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इस घटना से लखनऊ    तक हड़कंप मच गया। विभिन्न जिलों में अवैध शराब को लेकर जांच अभियान शरु किए जाने के बात कही गई है।
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कौन भरेगा परिवारों का पेट
जी हां नागल क्षेत्र के जिन परिवारों में लोगों की मौत हुई है वे उनमें ज्यादातर ऐसे हैं जो अपने घर में अकेले कमाने वाले थे और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। वहीं उनकी मौत के बाद परिवार में पसरे मातम के बीच टकटकी लगाए भीड़ को देख रहे नौनिहालों को यह भी अंदाजा नहीं है कि उनके पिता का साया उनके सिर से उठ चुका है। ऐसे मंजर को देखकर किसी का भी दिल रो उठेगा। हर तरफ मची महिलाओं की चीख पुकार यह बताने के लिए काफी है कि यहां अवैध शराब ने कितनी महिलाओं का सुहाग उजाड़ दिया है।

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