बुधवार सुबह जब रुखसार अपने मायके में चूल्हे पर खाना बना रही थी, उसके परिजन बाहर गए थे। सिर्फ मां मलीबा ही घर में मौजूद थी। इसी बीच मोहसिन और उसके साथी पहुंचे और गोलियां बरसा दीं। मलीबा ने बेटी को बचाने के लिए बहादुरी दिखाते हुए उसे एक कमरे में बंद कर दिया, लेकिन मोहसिन और उसके साथी फायरिंग करते रहे।
मोहसिन ने उस कमरे का दरवाजा भी तोड़ डाला, जिसके बाद कमरे में घुसकर रुखसार की हत्या कर दी। जब ग्रामीण मौके पर पहुचे तो उन पर भी करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग कर दहशत फैलाई। ग्रामीणों ने बताया कि मोहसिन और उसके साथियों ने जिस तरह गोलियां चलाईं, उससे लग रहा था कि जो भी सामने आएगा, उसकी हत्या करने की ठान रखी थी।