फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्या फिर आत्महत्या: पत्नी की लाश के पास बैठकर सिपाही ने लिखा सुसाइड नोट, 'देसी घी' बड़ी वजह

Mon, 11 Mar 2019 06:34 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
1 of 7
मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस
यूपी के बागपत पुलिस लाइन के तीसरे फ्लोर पर दिल दहला देने वाली वारदात हुई। सिर्फ चार महीने में वीरेंद्र और ज्योति के बीच घरेलू कलह गहरा गई। ज्योति की हत्या के बाद वीरेंद्र ने उसकी लाश के पास बैठकर सुसाइड नोट की दो कॉपी लिखीं। एक कागज पर और दूसरी डायरी पर।
विज्ञापन

2 of 7
पत्नी की हत्या कर आत्महत्या करने वाला सिपाही -फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बरेली के रहने वाली वीरेंद्र और सहारनपुर की ज्योति सजातीय थे। दोनों की अरैंज मैरिज पांच नवंबर 2018 को हुई। सिर्फ चार माह में ही दांपत्य जीवन में इतना जहर घुल गया, इससे एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। लखनऊ से वीरेंद्र रविवार सुबह ही बागपत पहुंचा था। ज्योति साल 2016 और वीरेंद्र साल 2018 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। वीरेंद्र की ट्रेनिंग 25 जनवरी को ही पूरी हुई थी।
विज्ञापन

3 of 7
मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस,
सुबह साढे़ सात बजे ज्योति की अपने परिजनों से आखिरी बार बात हुई और उसने घर बताया कि वह अल्ट्रासाउंड के लिए सोनीपत जा रहे हैं। परिजनों ने दोपहर बाद कॉल की, लेकिन ज्योति और वीरेंद्र के मोबाइल स्विच ऑफ मिले। तो उन्हें अनष्टि की आशंका हुई। 

4 of 7
मृतक ज्योति -फाइल फोटो
इधर कमरे में वीरेंद्र ने पहले पत्नी की पिटाई की। पीछे की तरफ उसके साथ बांधे और इसके बाद पानी गरम करने की रॉड की तार से फांसी लगा दी। इसके बाद वीरेंद्र लाश के पास बैठा। पहले डायरी में सुसाइड नोट लिखा फिर उसे एक कागज पर उतारा। ज्योति की चुनरी से ही पंखे पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।

 
विज्ञापन

5 of 7
मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस
गौरतलब है कि जिस जगह वारदात हुई वह पुलिस लाइन का तीसरी मंजिल है। क्वार्टर के आसपास कोई नहीं रहता। यही वजह रही कि ज्योति की चीखें कोई नहीं सुन सका। एक पुलिसकर्मी को परिजनों ने दोपहर के समय कॉल की। बताया जा रहा है कि उसने कमरे में झांककर देखा, लेकिन वीभत्स दृश्य से वह इतना सहम गया कि कहीं जिक्र नहीं किया। रात के समय आरआई को मामले की जानकारी दी।
विज्ञापन

6 of 7
सुसाइड नोट
सुसाइड नोट में किया देसी घी का जिक्र
वीरेंद्र कुमार और ज्योति...मैं दोनों की ही जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इसमें मेरे घरवालों से कोई लेना-देना नहीं है। मेरी और मेरी पत्नी दोनों की ही मौत का जिम्मेदार इसका जीजा अजेंद्र और इसकी मौसी-मौसा नरेला वाले हैं। इन्होंने मेरी जिंदगी नरक बना दी। और इन्होंने कभी ज्योति को समझाया नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मृतक ज्योति के मौसा व मौसी
इसलिए मुझे यह कदम उठाना पड़ा। हमेशा मेरी ही गलती बताई गई। मेरी गलती थी ही अब और तो और मेरी मां ने जब देशी घी दिया तो उसमें भी इन्होंने डालडा मिलाकर ज्योति को मेरे घरवालों के खिलाफ उल्टी सीधी बातें करवाईं। और तो और मेरी बहनों के लिए हमेशा उल्टा सीधा बोलना, मेरी और मेरी पत्नी की मौत के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ इसका जीजा और इसकी मौसा-मौसी है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें