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तस्वीरें: ऑक्सीजन देख बेकाबू हुए तीमारदार, चंद मिनटों में हुआ कुछ ऐसा, हर कोई हैरान

Sat, 24 Apr 2021 12:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी। - फोटो : amar ujala
मेरठ में इस वक्त जिनके अपने अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद कर रहे हैं, उनका दर्द सिर्फ वे ही बयां कर सकते हैं। तीमारदार कई दिन से अस्पतालों के बाहर पड़े हैं। हर किसी की संवेदना उनके साथ जुड़ी हुई है। गुरुवार रात को मेडिकल कॉलेज में जो हुआ वो संवेदनाओं को तार-तार करने वाला था। ऑक्सीजन से भरी एक गाड़ी के पहुंचते ही बहुत से तीमारदारों की भीड़ जुट गई। चंद मिनटों में गाड़ी से सारे सिलिंडर निकाल कर ले गए। कई के बीच हाथापाई भी हो गई। हर कोई अपने मरीज के लिए ऑक्सीजन का सिलिंडर बचाकर रखना चाहता था।

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ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी। - फोटो : amar ujala
ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिले इसे लेकर प्रधानमंत्री देश के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर रहे हैं। कॉरिडोर बनाकर ऑक्सीजन के टैंकर मंगाए जा रहे हैं। जितनी सप्लाई है, उतनी ऑक्सीजन दी भी जा रही है। ऑक्सीजन अस्पताल में पहुंचने के बाद किस मरीज को दी जाएगी ये तय करना डॉक्टर्स का काम होता है। ऐसी महामारी में डॉक्टरों पर विश्वास करना होता है, लेकिन लोग ये सब भूल रहे हैं।

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ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी। - फोटो : amar ujala
गुरुवार रात को मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई करने वाली गाड़ी पहुंची तो लोगों ने कर्मचारियों से सिलिंडर छीनना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि सिलिंडर बचाकर रख लो, पता नहीं कि यहां कब कह दिया जाए कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है।

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ऑक्सीजन के लिए मची मारामारी। - फोटो : amar ujala
सिलिंडर छीने जाने के समय वहां खड़े एक तीमारदार ने वीडियो बनाकर सोशल साइट पर अपलोड कर दी। वीडियो देखकर लोग कमेंट कर रहे हैं कि बीमार परिजनों के लिए ये सिलिंडर उतारकर ले गए, लेकिन अस्पतालों में ऐसे नहीं करना चाहिए। सभी ऐसा करने लगे तो फिर व्यवस्था ही क्या रह जाएगी।
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प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार - फोटो : amar ujala
लोग धैर्य बनाकर रखें
प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि खाली सिलिंडर ले जाने के बाद इमरजेंसी में भरे हुए सिलिंडर लाए जाते हैं। जब सिलिंडर की गाड़ी आई तो तीमारदारों को लगा कि कहीं ऑक्सीजन खत्म तो नहीं हो जाएगी, इस भ्रांति के चलते उन्होंने सिलिंडर अपने पास रख लिए। उनके मरीज यहीं पर भर्ती हैं, सिलिंडर लेकर वे बाहर नहीं गए। तीमारदारों को बाद में बुलाकर समझाया गया कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है, आप लोग धैर्य रखें। मेडिकल स्टाफ हर मरीज के इलाज में जुटा हुआ है। लोग ऐसा न करें कि दूसरे मरीजों को दिक्कत हो जाए।

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