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PHOTOS: याकूब की फैक्टरी को लेकर बिजली विभाग का बड़ा दावा, क्या एमडीए से हुई ये बड़ी भूल? जानें क्या है पूरा सच

Sat, 02 Apr 2022 03:27 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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हाजी याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
मेरठ में पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड को भले ही एमडीए ने मानचित्र स्वीकृति और तमाम अनियमितताओं के चलते 2019 में सील कर दिया हो, लेकिन बिजली का लगातार घूम रहा मीटर प्लांट के चलने की गवाही दे रहा है। 

बिजली विभाग के अधिकारियों का दावा है कि न तो उन्हें एमडीए ने सील लगाने की जानकारी दी और न ही प्लांट प्रबंधन ने। उनके कनेक्शन पर लगातार बिजली आपूर्ति हो रही है। इस बीच बकाये के चलते कनेक्शन कटता रहा और चुकाने पर जुड़ता रहा। हाल ही में दिसंबर 2021 और मार्च महीने में बकाये में कनेक्शन काटा गया, जो बकाया भुगतान होने पर जोड़ दिया गया। एमडी कार्यालय की तरफ से भी एमडीए से दो तीन साल पहले की गई सीलिंग की कार्रवाई का आदेश मांगा गया है।
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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 12 फरवरी 2018 से 3900 केवीए का विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले चार साल से ये कनेक्शन लगातार चल रहा है और मीटर की एमआरआई के जरिये इसकी बिलिंग हो रही है।
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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
कनेक्शन पर करीब 65 लाख रुपये का बकाया होने के चलते दिसंबर 2022 में काट दिया था। लेकिन प्रबंधन द्वारा 60 लाख रुपये का भुगतान करने के बाद इसे जोड़ दिया गया।

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हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
इसके बाद इस कनेक्शन पर जनवरी और फरवरी का फिर से करीब 39 लाख रुपये बकाया हो गया। इसके चलते इसे गत 21 मार्च को काट दिया गया। प्लांट प्रबंधन द्वारा 20 लाख रुपये पार्ट पेमेंट करने के बाद 23 मार्च को जोड़ा गया। इसके साथ ही विभाग की तरफ से बाकी बकाये का भी 31 मार्च तक भुगतान करने का नोटिस दिया गया। बकाया नहीं देने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई। 
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई। - फोटो : amar ujala
वहीं जांच कमेटी ने एमडी कार्यालय को दी रिपोर्ट में भी यही जानकारी दी कि प्लांट पर बिजली लगातार दी जा रही है। सीलिंग कार्रवाई की सूचना न तो एमडीए ने दी और न ही प्लांट प्रबंधन ने। बिजली कर्मचारी प्लांट के बाहर बने मीटर रूम से रीडिंग लेकर बिल बनाते रहे और प्लांट प्रबंधन बिल जमा कराता रहा। 
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई। - फोटो : amar ujala
600 से 700 केवीए चलता रहा लोड 
बिजली अधिकारियों का कहना है कि प्लांट का कनेक्शन लोड 3900 केवीए है। लेकिन कई साल से प्लांट का लोड 600 से 700 केवीए ही चल रहा है। प्लांट पर स्थापित बड़ी मशीनें बंद है और जो बिल बन रहा है वह फ्रीजर और चिलर चलने का ही बन रहा है। बिजली बिल से ही स्पष्ट हो रहा है कि प्लांट सील होने के बाद भी चालू रहा।
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हाजी याकूब की फैक्टरी - फोटो : amar ujala
क्या बोले अधिकारी 
विभाग को न तो एमडीए ने सील की जानकारी दी और न ही प्लांट प्रबंधन ने। उनके यहां से प्लांट को बिजली आपूर्ति होती रही और बिल बनता रहा। बकाया बिल में कई बार कनेक्शन काटा गया और बकाया भुगतान होने पर जोड़ा भी गया। हाल ही में दिसंबर और मार्च माह में कनेक्शन काटा गया और जब भुगतान हो गया तो इसे जोड़ दिया गया। अगर एमडीए प्लांट के सील होने की जानकारी देता तो प्लांट की बिजली आपूर्ति रोक दी जाती। - प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता
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