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आखिर खुल गया याकूब की फैक्टरी का बड़ा राज: खाड़ी देशों में निर्यात होता था मीट, सबूत के लिए काफी है ये सच, तस्वीरें

Sat, 02 Apr 2022 03:00 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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याकूब की फैक्टरी - फोटो : amar ujala
पूर्व मंत्री हाजी याकूब की अल फहीम मीटेक्स फैक्टरी में पुलिस को मीट पैकेजिंग वाले जो डिब्बे मिले हैं, उन पर कैराना लिखा हुआ है। डिब्बों पर उत्पादक तिथि जनवरी 2022 लिखी हुई है। इससे साफ है कि बाहर से मीट लाकर यहां डिब्बों में पैक करके खाड़ी देशों में भेजा जा रहा था। पुलिस को मौके से दो लीटर फार्मेलीन सॉल्यूशन भी मिला है। ये केमिकल मीट को खराब होने से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मीट किन-किन देशों में निर्यात किया जाता था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। 

जांच में अब तक जो बात सामने आई है, उसमें मीट भी दो प्रकार का मिला है। कुछ मीट में दुर्गंध भी आ रही थी। इससे साफ है कि नए और पुराने मीट को मिक्स करके नए डिब्बों में पैक किया जा रहा था।
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हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
मीट कटान कैराना या मुजफ्फरनगर में होता था या कहीं और से मंगाया जा रहा था, इसको लेकर अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। जो कर्मचारी पकड़े गए हैं, वे इसके बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस का सारा फोकस अब मीट फैक्टरी के मैनेजर अमित त्यागी पर है। 
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याकूब की फैक्टरी में एमडीए की कार्रवाई। - फोटो : amar ujala
वहीं अमित की तलाश में दबिश दी जा रही है। अमित ही बता पाएगा कि मीट कहां पर काटा जाता था। फिर यहां पैक करने के बाद किन-किन देशों को भेजा जाता था। कैराना में बने डिब्बों पर उत्पादन तारीख जनवरी 2022 की लिखी है, ऐसे में ये साफ है कि तीन महीने से अवैध मीट पैकेजिंग का धंधा चल रहा था। डिब्बे जहां बने हैं, पुलिस उस फैक्टरी में भी जानकारी जुटा रही है।

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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
सीसीटीवी फुटेज खंगाली 
पुलिस ने फैक्टरी में लगे सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ले ली है। कितनी गाड़ियां रोजाना फैक्टरी में आती थीं। कितने लोग काम करते थे। किस समय गाड़ियां आती थीं। इस सबके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। गाड़ियों के नंबरों से उनके मालिकों का पता लगाया जा रहा है। 
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याकूब की फैक्टरी में छापा। - फोटो : amar ujala
पुलिस को देखकर भाग निकला फिरोज 
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि गुरुवार रात को पुलिस फोर्स ने सराय बहलीम में दबिश दी थी, याकूब और इमरान घर पर नहीं मिले। याकूब कुरैशी का दूसरा बेटा फिरोज पुलिस को देखकर भाग निकला। शुक्रवार को भी याकूब के घर पुलिस गई, लेकिन नामजद आरोपी नहीं मिले।
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