नमो भारत ट्रेन (रैपिड रेल)
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यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्टेशन पर प्रवेश निकास द्वार के समीप पार्किंग भी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, सड़क यातायात को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए सर्विस लेन भी बनाई जा रही है जिससे होकर मेट्रो में सवार होने वाले यात्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सकते हैं।
परतापुर स्टेशन को मेरठ में स्थानीय मेट्रो सेवा के लिए तैयार किया जा रहा है। इस स्टेशन में ग्राउंड, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म, तीन लेवल होंगे। इस मेट्रो स्टेशन के फर्श का कार्य समाप्ति पर है और तकनीकी कमरे तैयार हो चुके हैं। विभिन्न उपकरणों को इंस्टॉल करने की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही स्टेशन की छत के लिए प्रीफैब्रिकटेड रूफ लगाने का कार्य किया जा रहा है।
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परतापुर से मेट्रो ट्रेन संचालित होने से आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की यात्रा आसान हो जाएगी। परतापुर से अगर किसी यात्री को दिल्ली पहुंचना है तो उसे मेरठ साउथ से नमो भारत ट्रेन मिल सकेगी। देश की 'स्पोर्ट्स सिटी' से मशहूर मेरठ में मेट्रो ट्रेन संचालित होने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की दिल्ली-गाजियाबाद महानगरों तक पहुंच सुगम और सुलभ हो जाएगी।
मेरठ मेट्रो का पहला ट्रेनसेट कुछ समय पहले ही तैयार होकर सावली (गुजरात) से दुहाई डिपो पहुंचा था। अभी मेरठ मेट्रो ट्रेन की टेस्टिंग नियमित तौर पर की जा रही है। शीघ्र ही मेरठ मेट्रो का ट्रायल रन आरंभ किया जाएगा। देश में ऐसा पहली बार होगा कि यात्री रीजनल रेल जैसी हाई-स्पीड व मेट्रो का इस्तेमाल एक ही प्रणाली पर कर पाएंगे। ये दोनों ही ट्रेन एक ही इन्फ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होंगी।
परतापुर में मेट्रो व नमो भारत का स्टेशन
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मेरठ साउथ से मोदीपुरम डिपो तक 23 किलोमीटर सेक्शन पर मेरठ मेट्रो संचालित होगी, जिसके लिए कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो शामिल हैं।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि ने दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत आरआरटीएस व मेरठ मेट्रो को जून-2025 तक संचालित करने का लक्ष्य रखा है।