जम्मू-कश्मीर के शोपियां में शहीद हुए मेरठ के मेजर मयंक विश्नोई का आज दोपहर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, शहादत के बाद छोटे भाई मयंक की बातें याद कर बहन तनु और अनु फफक पड़ती हैं। वह कह रही हैं कि जो बात कहता था आज वह सच हो गई। बहन तनु ने बताया कि मयंक हमेशा से ही दुश्मनों को चित करने के लिए सबसे आगे रहता था। घर पर जब भी आता था तो कहता था कि तुम्हारा भाई ऐसे ही नहीं है ऑपरेशन के दौरान हमेशा आगे रहता है। बहनें बताती हैं कि उनका भाई खुशमिजाज, हरफनमौला और नेकदिल इंसान था। बता दें कि शहीद मेजर मयंक विश्नोई अपना शौर्य चक्र भी एक सैन्य अधिकारी को दान कर चुके थे।