सहारनपुर लोकसभा सीट हो या फिर कैराना और बिजनौर आदेशों का पालन किया जाएगा। दरअसल, करीब डेढ़ माह पहले राहुल गांधी की तारीफ करने पर बसपा से निष्कासन के बाद अटकलों का दौर जारी था कि इमरान मसूद किस पार्टी में जाएंगे। कांग्रेस के अलावा रालोद और अन्य राजनीतिक दल भी इमरान के संपर्क में थे। यह भी संभावना लग रही थी कि इमरान रालोद का दामन थाम सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी इमरान मसूद
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कांग्रेस में एंट्री से बदलेगा चुनावी समीकरण, होगी कांटे की टक्कर
इमरान मसूद की कांग्रेस में एंट्री के बाद लोकसभा चुनाव का समीकरण भी बदल सकता है। इमरान मसूद की मुस्लिम समाज के वोटरों में काफी अच्छी पकड़ है। कांग्रेस पहले से ही इंडिया गठबंधन में शामिल है। यदि इमरान को लोकसभा चुनाव का टिकट मिलता है तो वह मुस्लिम वोटरों को साधने में कामयाब हो सकते हैं।
इमरान मसूद पहले भी तीन बार सहारनपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी थी, लेकिन हर बार चुनाव हिंदू-मुस्लिम हुआ। ऐसे में भाजपा और गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर हो सकती है, जिसमें जीत-हार का अंतर बेहद कम रह सकता है।
पूर्व विधायक इमरान मसूद
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