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सेना में जवान और अफसर को अपनी यूनिट को 35 प्वाइंट के बारे में जानकारी देनी होती है। मसलन, उसके कितने बैंक अकाउंट हैं। वो कितने मोबाइल और सिम का प्रयोग करता है। परिवार में कितने सदस्य हैं। इन्हीं जानकारियों को छुपाने के चलते कंचन सिंह सेना के टारगेट पर आ गया। दरअसल, छह महीने पहले एटीएस ने उत्तराखंड से आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले जवान को पकड़ा था। उसके बाद से खुफिया एजेंसियां दूसरे जासूसों की तलाश में जुटी थीं। तीन महीने पहले कंचन निशाने पर आया था। सेना की खुफिया एजेंसी ने उसकी रेकी शुरू कर दी। इसके बाद सामने आया कि कंचन ने सेना को जो जानकारियां दी हुई हैं, उनमें अंतर आ रहा है।