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आयकर विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी: प्लाइवुड की कीमत 16 लाख, बिल 9 लाख का, ऐसे होती है करोड़ों की टैक्स चोरी 

Wed, 09 Mar 2022 12:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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income tax raid meerut - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को हरीश प्लाइवुड के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। रात दस बजे तक 14 सदस्यीय टीम ने सर्वे किया। बुधवार सुबह भी कार्रवाई जारी रही। वहीं आयकर विभाग की टीम ने हरीश प्लाइवुड इंडस्ट्री के मालिकों के जगन्नाथपुरी स्थित करीब दस करोड़ की कीमत के घर को सात कारों में पहुंची आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार की सुबह ही कब्जे में ले लिया।

अंदर जाते ही टीम ने परिजनों के मोबाइल फोन ले लिए। सबका बाहर आना-जाना बंद कर दिया। रात दस बजे तक करीब 15 घंटे इनके घर और प्रतिष्ठान समेत पांच ठिकानों को खंगालने का काम चलता रहा। शुरुआती 12 घंटे की जांच में 93 लाख से अधिक कैश और लाखों रुपये के आभूषणों का ब्योरा लिया गया। जगन्नाथपुरी आवास पर सात गाड़ियों में 14 जांच अधिकारियों ने तीन मंजिला मकान में जांच की। जांच के दौरान किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी जांच स्थलों पर पुलिस तैनात रही। 

प्लाइवुड और सनमाइका के बिजनेस में अंडर बिलिंग कर टैक्स चोरी का मामला आयकर विभाग द्वारा जांच में केंद्र बिंदु रहा। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार काउंटर और फैक्टरी सेल को छिपाया जा रहा है। बिना बिल के प्रतिदिन लाखों रुपये की कैश सेल की जा रही है।
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income tax raid meerut - फोटो : अमर उजाला
ऐसे होती है टैक्स चोरी
घर हो या दुकान का फर्नीचर बनाने में बोर्ड, प्लाई और माइका का ही प्रयोग किया जाता है। यह व्यापार पूरी तरह अंडर बिलिंग में ही होता है। टॉप तीन से चार ब्रांड को छोड़कर जगादरी और यमुनानगर से आने वाली प्लाइवुड 30 से 50 प्रतिशत बिलिंग पर ही आती है। ऐसे में 18 लाख की प्लाई और बोर्ड की गाड़ी की कीमत 7 से 9 लाख के बीच दिखाई जाती है। रिटेल काउंटर पर कैश सेल होने के कारण करोड़ों रुपये की प्रतिवर्ष टैक्स चोरी होती है।
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income tax raid meerut - फोटो : अमर उजाला
शहर में 180 प्लाइवुड हार्डवेयर की दुकानें हैं। शहर में प्रतिमाह प्लाइवुड वीनियर का 10 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। लकड़ी के मुकाबले फर्नीचर को बनाने में प्लाइवुड काफी सस्ती पड़ती है। वजन भी कम होता है ऐसे में इसकी डिमांड भी अधिक रहती है। प्लाइवुड, लेमिनेट और हार्डवेयर पर 18 प्रतिशत टैक्स है।

एक माह में छोटा व्यापारी 10 टन की प्लाइवुड की एक गाड़ी तो बड़े व्यापारी एक माह में पांच से दस गाड़ी यमुना नगर से मंगवाते हैं। अंडर बिलिंग होने के कारण एक ही बार लाखों रुपये की टैक्स चोरी हो जाती है।

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income tax raid meerut - फोटो : अमर उजाला
एमआर, बीडब्लूपी में बड़ा खेल
प्लाइवुड या बोर्ड में एमआर (मोस्चर रेसिस्टेंट), बीडब्लूआर (बोलिंग वाटर रेसिस्टेंट) और बीडब्लूपी (बोयलिंग वाटर प्रूफ) में बड़ा खेल होता है। आईएसओ और आईएसआई की मोहर लगाकर बोर्ड बेचे जाते हैं। तीन से चार टॉप ब्रांड को छोड़कर बाजार में 95 फीसदी लोकल माल ही बेचा जाता है। हर दुकानदार बोर्ड को बीडब्लूपी ही बताता है। ज्यादातर बिना बिल के ही माल बेचा जाता है।
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income tax raid meerut - फोटो : अमर उजाला
ऐसे होती है अंडर बिलिंग
एक 19 एमएम के आठ बाई चार के बोर्ड की कीमत 50 रुपये के रुपये हिसाब से 1600 बैठती हैं। इसमें 18 प्रतिशत के हिसाब से 288 रुपये अतिरिक्त टैक्स देना होता है। टैक्स बचाने के लिए व्यापारी अंडर बिलिंग पर बोर्ड मंगवाते हैं। 

1600 रुपये के बोर्ड की कीमत 900 रुपये कागजों में दिखाई जाती है। बोर्ड की कीमत घटने पर टैक्स भी उसी बोर्ड पर 18 प्रतिशत के हिसाब से 162 रुपये रह जाता है। एक गाड़ी में कम से कम 400 से 500 प्लाई बोर्ड आते हैं। ऐसे में टैक्स चोरी भी बढ़ जाती है। प्रारंभिक जांच में टैक्स और संख्या सही मिलने पर गाड़ी को बॉर्डर पर नहीं रोका जाता है।
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