उत्तर प्रदेश के मेरठ में धर्मांतरण के मामले में हिंदू समाज सेवी सचिन सिरोही आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में पहुंचे। उन्होंने ही सबसे पहले हिंदू परिवारों के ईसाई बनाए जाने की शिकायत पुलिस अफसरों से की थी।
मेरठ में धर्मांतरण का मामला लखनऊ तक गूंज गया है। मामले में एक पक्ष की अगुवाई कर रहे सचिन सिरोही आज मुख्यंमंत्री के दरबार में पहुंचे हैं। उनका कहना है कि धर्मांतरण के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। बुधवार सुबह जनता दरबार में उनसे मिलने का समय भी लिया गया है। उन्होंने बताया कि मंगतपुरम के कुछ वीडियो की सीडी बनाकर वह शिकायतपत्र के साथ देंगे। वहीं अभी तक की जांच में सामने आया है कि लॉकडाउन के दौरान आरोपियों के खाते में रकम आई थी। हालांकि विदेशी फंडिंग को लेकर अभी जांच जारी है। फिलहाल एक आरोपी के खाते में एंट्री मिली है, जबकि अन्य की पड़ताल हो रही है।
मंगतपुरम में धर्मांतरण कराने के 11 आरोपियों के बैंक खातों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। एसपी सिटी पीयूष सिंह का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान आरोपियों के खातों में फंडिंग हुई है। इसमें एक आरोपी के खाते में वर्ष 2020 में 70 हजार रुपये की एंट्री भी मिली है, जबकि अन्य आरोपियों के खातों का रिकार्ड बैंक से मांगा जा रहा है। पता लगाने का प्रयास है कि किन आरोपियों के खातों में विदेश या इसी देश से धर्मांतरण के नाम पर फंडिंग की गई है।
विज्ञापन
2 of 5
मंगतपुरम बस्ती
- फोटो : अमर उजाला
यह भी पढ़ें:
दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में 400 लोगों के धर्मांतरण के मामले में दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम ने आकर जांच कर चुकी है। ब्रह्मपुरी पुलिस फरार महेश पास्टर और अनिल पास्टर की गिरफ्तारी के बाद आगे की जांच करने की बात कह रही है। जांच धीमी पड़ने से मंगतपुरम के कुछ लोगों में गुस्सा है।
विज्ञापन
3 of 5
मंगतपुरम बस्ती
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा होगा कि विदेशी फंडिंग कहां से हो रही थी। आरोपियों पर इनाम घोषित करने की भी तैयारी चल रही है।
4 of 5
मंगतपुरम बस्ती
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को जेल भेजा गया है। इनके बैंक खातों के बारे में पुलिस को कुछ जानकारियां मिल चुकी है। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपियों के बैंक खातों का पता लगाया जा रहा है। डीएम द्वारा गठित कमेटी ने भी मंगलपुरम में जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक फंडिंग में विदेशी लिंक इसलिए भी ढूंढा जा रहा है क्योंकि फरार मुख्य आरोपी मुकेश पास्टर की पत्नी इस समय विदेश में ही है।
फरार आरोपी होंगे गिरफ्तार, तब तेज होगी जांच
मंगतपुरम के धर्मांतरण प्रकरण में फरार महेश उर्फ मुकेश पास्टर और अनिल पास्टर की गिरफ्तारी पर जांच प्रक्रिया अटक गई है। इनके पकड़े जाने के बाद ही अब आगे जांच बढ़ सकेगी। मंगलवार को मंगतपुरम में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले कुछ लोगों का आरोप है कि पुलिस ने किसी के बयान नहीं लिए हैं। पुलिस का दावा कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।