फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health: डॉक्टर साहब! बेटा लड़की की तरह रहता है, काउंसिलिंग कीजिए, अस्पतालों में रोज आ रहे केस 

Sun, 12 Jun 2022 02:58 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो युवक मेरठ में जेंडर चेंज सर्जरी कराकर लड़की बन गए हैं। मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुधीर राठी और उनकी टीम ने दो युवकों को सर्जरी कर लड़की बनाया है।
विज्ञापन
1 of 7
medical collage meerut
डॉक्टर साहब! हमारा बेटा लड़की की तरह रहता है... काउंसिलिंग कीजिए। पूरा परिवार बहुत परेशान है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मनोरोग विशेषज्ञों के पास प्रतिदिन ऐसे मामले आ रहे हैं। चिकित्सक युवाओं को समझाते हैं। ऐसे केसों में लंबे समय तक काउंसिलिंग की आवश्यकता पड़ती है। 

बता दें कि हाल ही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में लिंग परिवर्तन का पहला केस सामने आया है। यहां दो युवक जेंडर चेंज सर्जरी कराकर लड़की बन गए हैं। मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुधीर राठी और उनकी टीम ने दो युवकों को सर्जरी कर लड़की बनाया है। डॉ. राठी ने दावा किया कि पश्चिमी यूपी के मेडिकल कॉलेज में पहली बार नई तकनीक से पुरुष से महिला बनाने के लिए सर्जरी की गई है, जो करीब 4 घंटे चली। सर्जरी कराने वालों में से एक मुजफ्फरनगर जिले से है और दूसरे का घर बिजनौर जिले में है। एक की अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है, जबकि दूसरा अस्पताल में भर्ती है। दोनों की आयु क्रमश: 18 और 19 वर्ष है। चिकित्सकों का कहना है कि उनके पास प्रतिदिन ऐसे केस आते हैं जिनमें लड़के या लड़की विपरीत लिंग की तरह व्यवहार करते हैं। ऐसे में माता-पिता बच्चे की काउंसलिंग की मांग करते  हैं।
विज्ञापन

2 of 7
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि यहां यह बात समझने की है कि दो तरह की परिस्थितियां होती हैं। एक यह है जैसी कि मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कर लड़के से लड़की और लड़की से लड़का बनाया गया है। ये न लड़की के रूप में पूरी तरह से विकसित हुए न लड़के के रूप में।

 
विज्ञापन

3 of 7
मेडिकल कॉलेज - फोटो : amar ujala
इनके क्रोमोसोम (गुणसूत्र) लड़के या लड़की के हैं, जिसके आधार पर इनकी सर्जरी की गई। कुछ मामले ऐसे होते हैं, जो पूरी तरह से लड़के या लड़की होते हैं। शादी कर संतानोत्पत्ति कर सकते हैं, लेकिन वे रहते दूसरे रूप में हैं। ऐेसे मामलों में काउंसिलिंग कर उन्हें उसी रूप में रहने में मदद की जाती है। 

यह भी पढ़ें: Gender Change In Meerut: लिंग परिवर्तन कराकर लड़की बन गए दो लड़के, ‘वीना’ बनीं ‘वीनस’, ये बताई वजह

4 of 7
मेरठ मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण पाल ने बताया कि कई बार बच्चों को बचपन से लड़की को लड़का और लड़के को लड़की बनाकर परिजन रखते हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ बच्चों में यह इतनी विकसित हो जाती है कि वास्तव में लड़की खुद को लड़का और लड़का खुद को लड़की समझने लगता है। ऐसे में कई बार परिस्थितियां समस्या का रूप ले लेती हैं। बहुत बार काउंसिलिंग से कई बार समस्या का हल हो जाता है। 

 
विज्ञापन

5 of 7
मेरठ मेडिकल में मरीज - फोटो : अमर उजाला
केस स्टडी-1
जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में 16 वर्षीय किशोर को लेकर आए दंपती ने डॉ. कमलेंद्र किशोर से कहा कि उनका यह बेटा लड़की की तरह रहता है। इसे काफी समझाया, मगर मानता नहीं। इसकी काउंसिलिंग कीजिए। 
विज्ञापन

6 of 7
मेरठ मेडिकल - फोटो : अमर उजाला
केस स्टडी-2 
मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में 13 साल की किशोरी को उसके परिजन लेकर पहुंचे और बताया कि यह लड़की है, मगर खुद को लड़का समझती है। कपड़े, हावभाव, सब लड़कों वाले हैं। इसे समझाइए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
-  डॉ. लता कुमार (लेफ्टिनेंट), प्रोफेसर समाजशास्त्र - फोटो : amar ujala
समाज में सबकों बराबर जीने का हक  
समाज में सबको बराबर जीने का हक है। अगर किसी को कुदरती तौर पर शरीर में दिक्कत है और यह सुविधा उपलब्ध है कि वह सर्जरी कर उसे दूर कर सकता है तो यह अच्छा कदम है। इसे समाज को स्वीकार करना चाहिए। इससे समाज बेहतरी की ओर जाएगा। जहां तक बात पूर्ण रूप से लड़का या लड़की होने पर सर्जरी कराने की बात तो वह अलग मामला है। उसमें समाज की राय अलग अलग हो सकती है। - डॉ. लता कुमार (लेफ्टिनेंट), प्रोफेसर समाजशास्त्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें