बिजनौर में एक ओर जहां गंगा में लगातार उफान बढ़ रहा है, वहीं प्रशासन गंगा में बने टापू पर फंसे लोगों को निकाल रहा है। इसी दौरान एक ऐसी कहानी भी सामने आई, जो आपके रौंगटे खड़े कर देगी। दोनों ओर रौद्ररूप धारण कर चुकी गंगा की उठती लहरें थी तो टापू पर रहे रहे कुछ परिवारों ने जमीन छोड़कर बचाव दल के साथ आने से ही इनकार कर दिया। जब उनसे कारण पूछा गया तो बोल उठे, अगर चले गए थे यह जमीन दोबारा नहीं मिलेगी। हालांकि टीम ने उन्हें जबाव दिया कि जिंदा ही नहीं रहोगे तो जमीन का क्या करोगे। अब इसे मजबूरी कहें या जमीन का लालच, ये लोग उसी टापू पर रुक गए।
एक ओर जहां गंगा में बढ़ते उफान के बीच हर कोई सुरक्षित ठिकाना ढूंग रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो दो धाराओं के बीच फंसे तो हैं, लेकिन वहां बनी अपनी अस्थाई झोपड़ी को छोड़कर आने को तैयार नहीं है।