इस कड़ी में आपको लगभग 7200 वर्ष पुराने ऐसे स्थान के बारे में बताते हैं, जहां कौरवों और पांडवों के बाल्यकाल बीता। इसे द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। मंदिर में शिवलिंग स्थापित है।
महान चंद्रवंश के प्रतापी राजा यदु, दुष्यंत, भरत, शांतनु व भीष्म पितामह आदि ने इसी शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर कुरु वंश की कीर्ति अर्जित की थी। इसी पवित्र स्थान पर महर्षि वेदव्यास आदि मुनियों ने तपस्या कर सनातन धर्म की ख्याति पूरे संसार में फैलाई थी।