विदुर कुटी के पास पीपल का पेड़
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कहा जाता है कि धृतराष्ट्र ने विदुर से महाभारत का युद्ध टालने के लिए नीति तो पूछी थी लेकिन पुत्रमोह में नीति अपना नहीं सके थे। कहावत भी है- दुर्योधन की मेवा त्यागी, साग विदुर घर खायो रहे। आज भी यहां पूरे वर्ष बथुआ उगता है। इसका वर्णन महाभारत में भी मिलता है।
प्राचीन पीपल के दर्शन शुभ फलदायी
यहां मौजूद प्राचीन पीपल के दर्शन के लिए दूरदराज से लोग आते हैं। इसे शुभ फलदायी माना जाता है। विशाल होने के कारण पीपल का पेड़ गिर गया था। बाद में वहीं पीपल फिर उग गया। इसके नीचे दिव्य ज्योति हर समय प्रज्ज्वलित रहती है।