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शीतगृह में मौत का मंजर: धमाके के बाद मची चीख-पुकार, मलबे में दम तोड़ गईं सात जिंदगियां

Sat, 25 Feb 2023 01:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ गैस हादसा - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के दौराला स्थित पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह के शीतगृह के संचालन के लिए शनिवार सुबह मुहूर्त था। इसके चलते शीतगृह में सफाई चल रही थी। जम्मू के उधमपुर से आए मजदूर भी तैयारी में जुटे थे। सब ठीक चल रहा था। अचानक कंप्रेशर धमाके के साथ फट गया। इससे पांच मंजिला शीतगृह में एक हिस्से का लिंटर भरभराकर गिरने लगा। इसमें मजदूर दब गए। चीखपुकार के साथ भगदड़ मच गई। धमाके से पूरा दौराला क्षेत्र दहल गया। लोग मजदूरों को बचाने के लिए शीतगृह की तरफ दौड़े, लेकिन यहां अमोनिया गैस फैल चुकी थी।

गैस का रिसाव होने के कारण बचाव कार्य में भी परेशानी हुई। बाहर मौजूद लोग शीतगृह में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बाद में पुलिस और दमकल की टीमें पहुंचीं। दमकल की टीमों ने पानी की बौछारें डालकर गैस का प्रभाव कम किया। इसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। वहीं, पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना फ्लैश होते ही जिले के सभी थानेदार पुलिस टीमों के साथ पहुंचे। हादसे ने सात मजदूरों की जिंदगी छीन ली। पांच घंटे तक शीतगृह में राहत कार्य चला। इसके बाद पुलिस ने दावा किया कि अब मलबे में कोई नहीं होगा। घायल आठ मजदूर अभी जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं।
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मेरठ गैस हादसा - फोटो : अमर उजाला
धमाका होते ही मचा शोर... भागो-भागो
कुछ मजदूरों ने बताया कि धमाका इतना तेज था, जैसे बम फट गया हो। कुछ लोग बम तो कुछ भूकंप का शोर मचा रहे थे। धमाके के बाद कई लोगों ने शोर मचाया- भागो-भागो। यहां से लोग सड़क की ओर दौड़े। इस दौरान एनएच-58 पर जाम की स्थिति बन गई।
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मेरठ गैस हादसा - फोटो : अमर उजाला
चिल्लाए लोग....मलबे से मजदूरों को निकालो
हादसे के बाद आसपास के लोग काफी देर तक दहशत में रहे। घायल मजदूर बचने के लिए चीखपुकार कर रहे थे तो आसपास मौजूद लोग गैस की दुर्गंध के कारण परेशान थे। गैस के रिसाव के कारण कुछ लोग शीतगृह में तो घुसे, लेकिन मलबे वाली जगह तक नहीं पहुंच पाए। इसके बाद लोग चिल्लाते रहे कि मलबे में मजदूरों को निकालवा दो।

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मेरठ गैस हादसा - फोटो : अमर उजाला
मलबा हटाने में जुटा रहा अफसरों का अमला
एडीजी, कमिश्नर और आईजी सहित अन्य आला अधिकारियों के साथ पूरा अमला मलबा हटाकर मजदूरों को बचाने में जुटा रहा। मास्क लगाकर अधिकारी निगरानी करते रहे। उन्होंने लाेगों को समझाया कि घबराने की बजाय सतर्क रहने की जरूरत है। मजदूर जहां काम कर रहे थे, वहीं के मलबे को पहले हटवाया गया।
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meerut news - फोटो : अमर उजाला
देरी से पहुंची टीम
हादसे के बाद 30 मिनट की देरी से पुलिस और दमकल टीम पहुंची। इससे लोगों ने नाराजगी रही। गैस को तेज रिसाव होने पर पुलिस वाले मुंह पर रूमाल, कपड़ा या फिर मास्क लगाकर पहुंचे। वहीं दौराला में फायर स्टेशन की मांग कई बार उठ चुकी है। पिछले वर्ष पांच मार्च को दौराला में दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर की तीन बोगियों में आग लग गई थी। तब भी मांग उठी थी। 

लगा जाम
हादसे के बाद हाईवे पर पुलिस तैनात कर दी गई। अधिकारियों के आदेश पर हाईवे को वनवे कर दिया गया। लगभग दो घंटे तक वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गई। बवाव कार्य खत्म होने के बाद ही यातायात सुचारु  हो सका। 
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meerut news - फोटो : अमर उजाला
मिनट दर मिनट
-2:45 बजे : कंप्रेशर फटने से लिंटर गिरा, 27 मजदूर दबे
-2:50 बजे : मुनीम सकल देव की बेटी अंजलि मौके पर पहुंची और शोर मचाकर सकल देव को बाहर निकाला
-3:00 बजे : दौराला पुलिस पहुुंची, आसपास के दुकानदारों और लोगों के साथ राहत कार्य में जुटी, अधिकारियों को दी जानकारी
-3:25 बजे : अन्य थानों की फोर्स और एंबुलेंस के आने का सिलसिला हुआ शुरू
-3:35 बजे : मलबे से मजदूरों का निकलना शुरू
- 3:56 बजे : दमकल की गाड़ी पहुंची, बचाव कार्य शुरू
-4:21 बजे : जिलाधिकारी, एसएसपी पहुंचे, घटना की जानकारी लेकर बचाव कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश
-4:31 बजे : केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान पहुंचे और मलबे में दबे मजदूरों के साथियों से की बात
-5:34 बजे : एनडीआरएफ की टीम पहुंची, बचाव कार्य में जुटी
-6:00 बजे : मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाला गया
- 8:30 बजे : एनडीआरएफ की टीम लौटी

रवाना हुए परिजन
हादसे की जानकारी पुलिस ने मृतकों और घायलों के परिजनों को जम्मू कश्मीर में दे दी। इसके बाद परिजन वहां से मेरठ के लिए रवाना हो गए।  
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