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इनामी भूपेंद्र बाफर ने पश्चिम के जरायम की दुनिया में फिर से रखा कदम, इसलिए मिले थे दो गनर

Mon, 15 Jul 2019 11:51 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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भूपेंद्र बाफर समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
भूपेंद्र बाफर ने फिर से वेस्ट में जयराम की दुनिया में कदम रख दिया। इसके चलते बाफर के राजनीतिक लोगों से भी गहरे संबंध हो गए। शायद यही वजह थी कि जमानत पर छूटने के बाद उसको राजनीतिक दबाव में पुलिस के दो गनर दिए गए। इसका खुलासा बाफर की गिरफ्तारी के बाद हुआ। गैंग को एक्टिव करने के लिए बाफर में योगेश भदौड़ा और ऊधम सिंह गैंग के कई बदमाश भी अपने गैंग में शामिल कर लिए।

पुलिस के मुताबिक भदौड़ा और ऊधम के बीच समझौते की नींव रखे जाने की बात सामने आ रही है। जिसके चलते कई बदमाश उनके गैंग से टूट गए। सन 2012 में केबल कारोबारी पवित्र मैत्रेय की हत्या में भूपेंद्र बाफर सुर्खियों में आया।
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भूपेंद्र बाफर समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
दो साल पहले भूपेंद्र बाफर कोर्ट से जमानत पर छूटा तो उसके बाद भूपेंद्र बाफर ने जरायम की दुनिया के खिलाड़ी सुशील मूंछ से अपनी दुश्मनी मानने की चर्चाओं में फिर से मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली समेत कई जिलों में अपराध की दुनिया में साम्राज्य तैयार कर लिया। 

 
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भूपेंद्र बाफर समेत चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार, मूंछ को पुलिस कस्टडी में मारने के लिए बाफर ने अपने करीबी रोहित उर्फ सांडू को छुड़वाया। आरोप है कि सुशील मूंछ के बेहद करीबी माने जाने वाले यशपाल राठी की हत्या भी रोहित सांडू ने की थी। मुजफ्फरनगर पुलिस ने बाफर की तलाश में जाल बिछाया और एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

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कुख्यात रोहित को संरक्षण देने वाला भूपेंद्र बाफर - फोटो : अमर उजाला
गनर पर शासन को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया कि बाफर को कैसे गनर मिले तो इस पर शासन ने रविवार को रिपोर्ट तलब कर ली। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाफर के पास दो गनर थे। इसकी जानकारी होने पर एक बार तो मुजफ्फरनगर पुलिस पीछे हट गई थी। उसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने एसएसपी मेरठ से बात की।
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डीएम अनिल ढींगरा - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अजय साहनी ने दोनों गनर तत्काल वापस बुला लिए। जिसके बाद बाफर की गिरफ्तारी कराई गई। एसएसपी अजय साहनी का कहना कि गनर दो महीने पहले दिए गए थे। डीएम अनिल ढींगरा, तत्कालीन एसएसपी नितिन तिवारी और एलआईयू की संस्तुति पर बाफर को गनर मिले। इस मामले की रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है। 
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