मंच पर अन्य नेताओं के साथ सीएम योगी
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उन्होंने कहा कि वीतराग संत ने 129 वर्ष का दीर्घायु जीवन निष्काम सेवा में लगाया। पौराणिक शुकतीर्थ हजारों साल का इतिहास समेटे हैं। अक्षय वट वृक्ष महामुनि शुकदेव की श्रीमद्भागवत कथा का साक्षी है। भागवत पुराण शोध का विषय है, जिसमें जीवन का दर्शन छिपा है। गोपालन, अन्न क्षेत्र, संस्कृत संवर्धन भारत की धार्मिक केंद्रों की पहचान है। यह परंपरा शुकदेव आश्रम ने कायम रखी है। शुकतीर्थ के टिल्लों में इतिहास के अवशेष छिपे हैं। यह अमूल्य धरोहर है।