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लखनऊ लविश हत्याकांड: छह दिन... 600 किमी की दूरी और फिर एक कत्ल, खौफनाक है वारदात की पूरी कहानी

Sun, 24 May 2020 01:21 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
छह दिन... 600 किलोमीटर की दूरी और हत्या की दो दुस्साहसिक वारदात। बेखौफ बदमाश और पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल। लखनऊ में 17 मई को लविश की हत्या हुई। वारदात के छह दिन बाद हत्यारोपी बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) तक पहुंच गए और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले प्रशांत की भी हत्या कर दी। प्रदेशभर में चेकिंग हो रही है, सीमाएं सील हैं। हर तरफ लॉकडाउन है। बड़ा सवाल यही है कि जिन हत्यारोपियों की लखनऊ पुलिस तलाश कर रही है, वे कैसे बुढ़ाना तक पहुंच गए और एक और वारदात कर दी। अगली स्लाइडों में जानिए खौफनाक वारदात की पूरी कहानी-
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रदीप चौधरी के फॉर्म हाउस पर 17 मई को हुई लविश की हत्या में अनिल उर्फ धनपत, निवासी ककड़ीपुर और सौरभ उर्फ गोटी, निवासी इटावा मुजफ्फरनगर को नामजद किया गया था। वारदात के बाद से ही लखनऊ पुलिस दोनों हत्यारोपियों की तलाश करती रही और दोनों आरोपी लॉकडाउन के बावजूद करीब 600 किलोमीटर की दूरी तय कर बुढ़ाना तक आ पहुंचे। लविश हत्याकांड में वादी उसके फुफेरे भाई को भी समझौते के नाम पर उसके गांव वाजिदपुर से रात में ही मिंड़काली बुला लिया गया।
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जांच के लिए मौके पर पहुंचे एसपी देहात - फोटो : अमर उजाला
प्रशांत के पिता सतीश का कहना है कि मिंड़काली आने के बाद देर रात प्रशांत ने अपने भाई दुष्यंत को फोन पर दोनों आरोपियों पर समझौते के लिए डराने-धमकाने की जानकारी दी थी। इसके बाद शनिवार सुबह प्रशांत की लाश ही मिली।

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जांच करने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
एक ही गैंग के दो गुटों में गैंगवार 

मुजफ्फरनगर के गांव मिंड़काली के जंगल में शनिवार तड़के हुई सनसनीखेज वारदात एक ही गैंग के बीच हुए विवाद का नतीजा माना जा रहा है।
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प्रशांत की हत्या - फोटो : अमर उजाला
शनिवार सुबह मिंड़काली के जंगल में प्रशांत की हत्या कर दी गई, जबकि सौरभ तीन गोलियां लगने से घायल है। पुलिस का मानना है कि यह वारदात एक ही गैंग में छिड़ी रार का नतीजा है। लविश, प्रशांत, सौरभ व अनिल सभी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जो लखनऊ स्थित प्रदीप चौधरी के फॉर्म हाउस पर एक साथ रहते थे। किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद 17 मई को लविश की हत्या कर दी गई, जिसमें प्रशांत ने सौरभ उर्फ गोटी व अनिल उर्फ धनपत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सीओ गिरिजाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि लविश, प्रशांत, अनिल व सौरभ चारों आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। सभी एक साथ लखनऊ में रहते थे, जहां संभवत: किसी विवाद के चलते लविश की हत्या हुई। बाद में प्रशांत की हत्या की गई। बहुत जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विजय की हत्या के बाद लखनऊ में छिपा था सौरभ
कोतवाली क्षेत्र के गांव मिंड़काली में 15 दिसंबर 2019 की शाम करीब 5.30 बजे विजय उर्फ उत्थान पुत्र ओमप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय के परिजनों ने हत्या में सौरभ उर्फ गोटी, विक्रम उर्फ विक्की और दीपांशु उर्फ पहलवान के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि विजय हत्याकांड में विक्रम उर्फ विक्की और दीपांशु उर्फ पहलवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि सौरभ उर्फ गोटी तभी से फरार चल रहा है। लविश की हत्या के बाद अब खुलासा हुआ है कि वह लखनऊ में रह रहा था।

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