तमंचे बरामद
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पुलिस के मुताबिक, आरोपी नूर हसन ने बताया है कि लिसाड़ीगेट में कई फैक्टरियां चल रही हैं। इससे मेरठ पुलिस की कार्यशैली की पोल खुल गई। लिसाड़ीगेट अपराधियों का गढ़ है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को यहां हिंसा हुई। गोलियां चलीं। इसमें छह लोगों की मौत तक हो गई। पकड़े गए उपद्रवियों ने खुलासा किया था कि उन्हें लिसाड़ीगेट से ही हथियार मिले। इसके बावजूद पुलिस गंभीर नहीं हुई। मंगलवार मेरठ से पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई, जो आरोपी से पूछताछ करेगी।