गोकशी के बाद मीट सप्लाई कर मेरठ, बिजनौर सहित अन्य जिलों और राज्यों में करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित करने वाले अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। जांच पड़ताल में दोनों के सफेदपोशों से संबंध भी सामने आए हैं। यह भी सामने आया है कि अकबर और उसके भाइयों को भाजपा नेता का सरंक्षण मिला हुआ था।
बताया गया कि दोनों ही असम पुलिस की रिमांड पर थे और मंगलवार को असम पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश करने के लिए ले जा रही थी, इसी दौरान वे छूटकर भागने लगे, जिसके बाद पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दोनों बदमाश मारे गए। वहीं पिता ने रसूखदारों पर बेटों के खिलाफ साजिश रचकर उनके पुलिस से एनकाउंटर कराए जाने की बात कही है।
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गौ - तस्कर अकबर बंजारा
- फोटो : amar ujala
गैंगस्टर एक्ट लगाने की चल रही थी तैयारी
मेरठ पुलिस गो-तस्कर अकबर बंजारा की गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी में थी। पुलिस ने आयकर विभाग को भी चिट्ठी लिखी है, ताकि उसकी संपत्ति की जांच कराई जा सके। पुलिस ने बताया कि अकबर बंजारा असम से बंगलादेश में मीट सप्लाई करता था।
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गौ - तस्कर सलमान
- फोटो : amar ujala
फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ले में अकबर बंजारा परिवार के साथ करीब 15 साल से रह रहा था। अकबर अंतरराज्यीय गो-तस्कर है और असम पुलिस ने कई बार उसकी तलाश में दबिश दी, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था।
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गौ - तस्कर अकबर बंजारा
- फोटो : amar ujala
फलावदा पुलिस ने रंगदारी मांगने के मामले में अकबर और उसके दो भाई सलमान और शमीम को गिरफ्तार किया था। उन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया था। वहीं, यह जानकारी मिलने के बाद असम पुलिस मेरठ आई और एसएसपी प्रभाकर चौधरी को इनाम के दो लाख रुपये सौंप दिए। वहीं दोनों गो तस्करों को असम पुलिस अपने साथ ले गई थी।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद असम पुलिस अकबर और उसके भाई सलमान को अपने साथ ले गई थी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया था कि अकबर बंजारा शातिर अपराधी था। वह गैंग बनाकर गोकशी करता था और फिर मीट को दूसरे राज्यों में सप्लाई किया करता था।
मेरठ में अकबर बंजारा को किसका संरक्षण मिला हुआ था, इसकी भी जांच शुरू कर दी है। अकबर बंजारा के गैंग में उसके भाइयों के अलावा कौन-कौन थे, इसकी जांच के लिए थाना पुलिस और एसओजी की टीम लग गई है।
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असम पुलिस फलावदा थाना में
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा नेता का मिला हुआ था संरक्षण
योगी सरकार में अकबर खुलेआम गोकशी कर मीट की सप्लाई कर रहा था और स्थानीय पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। स्थानीय पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत भी नहीं थे, जबकि वह मीट सप्लाई करने का धंधा लगातार कर रहा था।
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मेरठ पुलिस ने अकबर की कार को किया था सीज।
- फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है कि अकबर और उसके भाइयों को भाजपा के एक नेता का संरक्षण मिला हुआ था। इसके चलते थाना पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती थी। सम पुलिस के मेरठ में आने की जानकारी लगने के बाद भाजपा नेता ही उसको अपने पास रखता था। अकबर की गिरफ्तारी के बाद फलावदा में अलग-अलग चर्चा चल रही थीं।
फलावदा में चलती थी गुंडागर्दी
फलावदा में अकबर की गुंड़ागर्दी चलती थी, इसकी जानकारी होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार करने से बचती थी। दो साल पहले बिजनौर के पास बंजारा ने 23 करोड़ की जमीन खरीदी थी। पुलिस ने बंजारा की संपत्ति की जानकारी जुटाई है। जिसके बाद उसकी संपत्ति को गैंगस्टर के तहत जब्त करने की तैयारी भी पुलिस ने शुरू कर दी है।