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Commonwealth Games 2022: बर्मिंघम में देश का मान बढ़ाने को बेताब मेरठी सितारे, पांच खिलाड़ी कर चुके हैं क्वालीफाई

Sun, 03 Jul 2022 11:24 AM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ
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बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स - फोटो : अमर उजाला
कॉमनवेल्थ गेम्स के फलक पर मेरठ के खिलाड़ी चमकने को बेताब हैं। इसी महीने 28 जुलाई से इंग्लैंड के बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स -2022 का आगाज होगा। टोक्यो ओलंपिक -2021 में मेरठ के पांच खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स में भी मेरठ के पांच खिलाड़ी देश का मान बढ़ाएंगे।

एथलीट अन्नु रानी, प्रियंका गोस्वामी, सीमा अंतिल, हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया व तीरंदाजी में रसोइया के बेटे नीरज चौहान के नाम शामिल हैं। टोक्यो ओलंपिक में मेरठी खिलाड़ी भले ही पदक जीतने में कामयाब न हुए हों, लेकिन प्रदर्शन के दम पर देशवासियों का दिल जरूर जीता था। ओलंपिक के बाद अब मेरठी खिलाड़ियों की नजरें 28 जुलाई से होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं।  

खिलाड़ी अच्छा खेलेंगे  
कॉमनवेल्थ गेम्स बड़ी स्पर्धा है। हमारे खिलाड़ी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर पदक जीतेंगे। - अलका तोमर, कॉमनवेल्थ गेम्स में कुश्ती की स्वर्ण पदक विजेता
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अन्नू रानी-भाला फेंक - फोटो : social Media
अनुभव आएगा अन्नु रानी के काम
सरधना के बहादरपुर गांव निवासी भाला फेंक खिलाड़ी अन्नु रानी अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह 2014 एशियन गेम्स में कांस्य, 2016 साउथ एशियन गेम्स में रजत, 2017 व 2019 एशियन चैंपियनशिप में कांस्य व रजत पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
 
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प्रियंका गोस्वामी। - फोटो : अमर उजाला।
प्रियंका से बड़ी उम्मीदें
माधवपुरम निवासी प्रियंका गोस्वामी ने पैदल चाल स्पर्धा में टोक्यो ओलंपिक में खुद को साबित किया। इस बार फेडरेशन ने उनका नाम कॉमनवेल्थ के लिए शामिल किया है। कॉमनवेल्थ में उनसे पदक की उम्मीद रहेगी।
 

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सीमा अंतिल - फोटो : फाइल फोटो
चार पदक जीत चुकी हैं सीमा
मूल रूप से हरियाणा निवासी चक्का फेंक खिलाड़ी सीमा अंतिल मेरठ से ही खेलती हैं। अभी तक कॉमनवेल्थ गेम्स में चार पदक जीत चुकी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में कांस्य, 2006, 2014 व 2018 में रजत जीता है।
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वंदना कटारिया
ओलंपिक में छा गई थीं वंदना
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम को फाॅरवर्ड के तौर पर वंदना कटारिया ने मजबूती दी। एक मैच में उन्होंने हैट्रिक लगाई थी। उनके कोच रहे प्रदीप चिन्योटी ने बताया कि वंदना के पैर में अभी चोट है।
 
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तीरंदाज नीरज चौहान - फोटो : अमर उजाला
नीरज से कमाल की उम्मीद
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में रसोइया का काम करने वाले अच्छेलाल के तीरंदाज बेटे नीरज चौहान पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलेंगे। वह आईटीबीपी में कार्यरत हैं, एक शानदार खिलाड़ी के तौर पर उनसे पदक की आस होगी। 
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