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Blast In Factory: रट्टू तोते की तरह जवाब देता रहा गौरव, खुद को बताता रहा बेकसूर, कोर्ट ने जेल भेजा

Sat, 21 Oct 2023 02:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आरोपी गौरव को ले जाती पुलिस - फोटो : Amar Ujala
लोहियानगर के रिहायशी इलाके में चल रहे पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट में पांच मजदूरों की मौत के जिम्मेदार गौरव गुप्ता को पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को गैर इरादतन हत्या और दूसरी धाराओं के आरोप में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

वहीं, गौरव गुप्ता से खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की तो वह रट्टू तोते की तरह बोलता रहा। पटाखे बनाने को लेकर उसने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन उनके सवालों में आखिरकार वह फंस गया। उसने मान लिया कि वह टॉय गन के शॉट बना रहा था। लेकिन वो इतना शातिर निकला कि कोर्ट में जाकर उसने खुद को बेकसूर बता डाला।
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मेरठ में विस्फोट - फोटो : Amar Ujala
गौरव गुप्ता से शुक्रवार को लोहियानगर थाने में खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने एक घंटे तक पूछताछ की। इनमें एटीएस, इंटेलीजेंस और एलआईयू के अधिकारी मौजूद रहे। शुरुआत में तो गौरव गुप्ता उनसे पटाखों के काम से ही इंकार करता रहा लेकिन जब उससे पूछा गया कि विस्फोट क्यों हुआ तो उसने बताया कि वहां पर मोबिल ऑयल और फिनाइल रखा हुआ था, उनमें धमाका हुआ होगा। 

 
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मेरठ में विस्फोट - फोटो : Amar Ujala
जब उसको बताया कि मोबिल ऑयल और फिनाइल की सारी बोतलें सुरक्षित मिली हैं, तो वह चुप हो गया। पूछताछ में उसने मान लिया कि वह टॉय गन के शॉट बना रहा था। उसने बताया कि वो सिर्फ शॉट के कवर बना रहा था, उनकी सहारनपुर में सप्लाई देनी थी। जब उससे पूछा गया कि किसको सप्लाई देनी थी तो वह चुप हो गया। उससे टॉय गन के शॉट में भरे सफेद पाउडर के बारे में पूछा तो वह कुछ नहीं बोला। वह अधिकारियों के सवालों का ऐसे जवाब दे रहा था जैसे उसको अच्छी तरह से पढ़ाया गया हो कि स्काई बम और शॉट के बारे में कुछ भी बताया तो वह बुरी तरह से फंस जाएगा। उसने हर शातिर अपराधी की तरह अपना अपराध मानने से इंकार ही कर दिया। स्काई बम के बारे में वो ये कहता रहा कि उसे नहीं पता कि वो कहां से आए। 

 

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मेरठ में हादसा - फोटो : Amar Ujala
बिल्डिंग का मालिक संजय गुप्ता अभी तक गिरफ्तार नहीं 
पुलिस ने पांच मजदूरों की गैर इरादतन हत्या के मामले में पटाखा गोदाम चलाने वाले गौरव गुप्ता को तो गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया लेकिन बिल्डिंग मालिक संजय गुप्ता अभी भी फरार है। सीओ कोतवाली अमित राय ने बताया कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है, उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मेरठ में हादसा - फोटो : Amar Ujala
दूसरे धमाके के दौरान मौके पर था गौरव गुप्ता 
पूछताछ में गौरव गुप्ता ने कुबूल किया कि जब उसे फैक्टरी में धमाके की जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंच गया। जब वो मौके पर पहुंचा तो लोगों की भीड़ लगी हुई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर थे। जब रेस्क्यू शुरू किया गया तो दूसरा धमाका उसके सामने हुआ। इसके बाद वह चुपचाप वहां से निकलकर फरार हो गया। 

मामा का ससुर लगता था रूपन साह 
बिहार के भोजपुर कोईल का रहने वाला ठेकेदार रूपन साह गौरव गुप्ता का रिश्तेदार ही निकला। खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से उसने बताया कि रूपन साह उसके मामा का ससुर था। वह ही चारों मजदूरों को बिहार से लेकर आया था। 
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हादसा - फोटो : Amar Ujala
ये है घटना 
शास्त्रीनगर सेक्टर चार निवासी संजय गुप्ता की दो मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल शास्त्रीनगर सेक्टर तीन निवासी आलोक रस्तोगी और उदयराज ने किराए पर ले रखी थी। दूसरी मंजिल जागृति विहार सेक्टर सात निवासी गौरव गुप्ता पुत्र योगेंद्र गुप्ता को दी हुई थी। पहली मंजिल पर आलोक रस्तोगी ने साबुन का गोदाम बनाया हुआ था।
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हादसा - फोटो : Amar Ujala
उदयराज ने प्रिटिंग मशीन की मरम्मत का काम किया हुआ था। दूसरी मंजिल पर गौरव गुप्ता ने अवैध पटाखा गोदाम संचालित किया हुआ था। इसमें टॉय गन की मिसाइल (शॉट) और स्काई बम बनाए जा रहे थे। 17 अक्तूबर की सुबह पांच मजदूर फैक्टरी में थे। सुबह सवा सात बजे अचानक पटाखों में विस्फोट हो गया।

विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूर कई मीटर दूर जाकर गिरे। वे बुरी तरह झुलस गए। कई की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इस धमाके में नौ लोग घायल हो गए। एटीएस और एनडीआरएफ की टीम ने मलबे से पटाखों की पुष्टि की। इसके बावजूद पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत धारा नहीं लगाई।

बिल्डिंग मालिक संजय गुप्ता और गौरव गुप्ता पर आईपीसी की धारा 304, 268, 269, 285, 286 और आपराधिक कानून अधिनियम 1932 की धारा 7 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। बृहस्पतिवार रात को लाेहियानगर पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
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