हादसा
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उदयराज ने प्रिटिंग मशीन की मरम्मत का काम किया हुआ था। दूसरी मंजिल पर गौरव गुप्ता ने अवैध पटाखा गोदाम संचालित किया हुआ था। इसमें टॉय गन की मिसाइल (शॉट) और स्काई बम बनाए जा रहे थे। 17 अक्तूबर की सुबह पांच मजदूर फैक्टरी में थे। सुबह सवा सात बजे अचानक पटाखों में विस्फोट हो गया।
विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूर कई मीटर दूर जाकर गिरे। वे बुरी तरह झुलस गए। कई की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। इस धमाके में नौ लोग घायल हो गए। एटीएस और एनडीआरएफ की टीम ने मलबे से पटाखों की पुष्टि की। इसके बावजूद पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत धारा नहीं लगाई।
बिल्डिंग मालिक संजय गुप्ता और गौरव गुप्ता पर आईपीसी की धारा 304, 268, 269, 285, 286 और आपराधिक कानून अधिनियम 1932 की धारा 7 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। बृहस्पतिवार रात को लाेहियानगर पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।