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BKU Protest: मेरठ में भाकियू का थाने में डेरा, राकेश टिकैत ने BJP को सुनाई खरी-खोटी, PM मोदी पर किए कटाक्ष

Sat, 28 Sep 2024 02:33 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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भाकियू का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को हुए गन्ना समिति के डेलिगेट पद के नामांकन के बाद 102 प्रत्याशियों के निरस्त किए गए पर्चों में गड़बड़ी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसानों ने जमकर हंगामा किया। एसएसपी, एसपी सिटी, एसडीएम, एडीएम प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी कार्यकर्ता परतापुर थाने में धरने पर बैठे हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक नामांकन में हुई गड़बड़ी को सही नहीं किया जाता, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने में शामिल होने पहुंचे हैं।

भाजपा पर जमकर साधा निशाना, पीएम मोदी पर किए कटाक्ष
यहां उन्होंने कहा कि हम अधिकारियाें के पीछे लग रहे हैं लेकिन अधिकारियों के हाथ में कुछ नहीं है। उन्हाेंने कहा कि एकतरफा बेईमानी नहीं चलेगी। हाईवे हर तरफ हैं, किसान हाईवे पर ही बैठे रहेंगे। जिला पंचायत का चुनाव जनता का चुनाव है, इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं चलेगी। ये चुनाव हमारा है, गांव का है जनता का है, इसमें बेईमानी होगी तो मुकाबला होगा।

उन्होंने कहा कि एक एमएलसी अपने पिता का नाम नहीं लिखता, डीएम पर्चा लेकर घर जाता है, और उसके पिता का नाम लिखवाता है, क्योकि वह भाजपा का था। 

उन्होंने कहा कि जिस देश का राजा कानून के घर में जा रहा हो, वहां सिर्फ आंदोलन ही जान बचाएगा। कहा कि जनता को खड़ा होना पड़ेगा, हरियाणा की तरह करना पड़ेगा। कहा कि उन्हें कहना पड़ेगा वे पांच हजार ट्रैक्टर लेकर यहीं आ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक संस्थाओं पर इन्होंने कब्जा कर लिया है, ये धर्म की राजनीति करते हैं, आंदोलन करने पड़ेंगे। जब राजा और न्याय करने वाला मिल जाए तो आंदोलन ही बचा सकता है।

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भाकियू का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन का धरना शुक्रवार रात 8 बजे शुरू हुआ था। गन्ना समिति के चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सैकड़ों की संख्या में किसान मेरठ पहुंच गए। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और किसान एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्राॅली और गाड़ियां लेकर परतापुर थाना परिसर में पहुंचे और जमकर हंगामा किया। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और किसान थाना परिसर में ही धरने पर बैठ गए।

 
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अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
तीन घंटे चली अधिकारियों की वार्ता, नहीं निकला समाधान
थाने में धरने की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की तीन घंटे से अधिक किसानों के साथ चली वार्ता के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल सका। निरस्त किए गए 102 नामांकन को बहाल करने की मांग को लेकर किसान धरने पर ही डटे रहे। रात भर थाने में ही जमे किसानों ने थाना परिसर में ही कढ़ाई चढ़ाकर खाना बनाया और वहीं पर गद्दे डालकर सो गए। आज सुबह फिर से धरना प्रदर्शन शुरू किया।

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भाकियू - फोटो : अमर उजाला
यूनियन के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने अधिकारियों के साथ ही वार्ता में कहा कि चुनाव को निष्पक्ष होना चाहिए। सत्ता पक्ष के मंत्रियों के द्वारा चुनाव अधिकारियों से मिली भगत कर गड़बड़ी की गई है। चुनाव गन्ना समिति का है किसानों से जुड़ा है, इसमें सत्ता पक्ष  के द्वारा अपनी मनमर्जी करना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है।

 
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थाने में भाकियू - फोटो : अमर उजाला
थाना परिसर में आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता
वहीं थाना परिसर में आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता विजयपाल घोपला ने कहा कि छोटे-छोटे चुनावों में भी सरकार तानाशाही दिख रही है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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थाने में बनाया खाना - फोटो : अमर उजाला
शनिवार दोपहर को भाकीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के थाने पहुंचने से पहले भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसानों ने दिल्ली से मेरठ आने वाली सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के कारण दूसरी सड़क पर लोड बढ़ने से दिल्ली रोड पर एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर तीन बजे राकेश टिकैत भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

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