गुरुवार को हुए गन्ना समिति के डेलिगेट पद के नामांकन के बाद 102 प्रत्याशियों के निरस्त किए गए पर्चों में गड़बड़ी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसानों ने जमकर हंगामा किया। एसएसपी, एसपी सिटी, एसडीएम, एडीएम प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी कार्यकर्ता परतापुर थाने में धरने पर बैठे हैं। वहीं भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक नामांकन में हुई गड़बड़ी को सही नहीं किया जाता, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने में शामिल होने पहुंचे हैं।
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यहां उन्होंने कहा कि हम अधिकारियाें के पीछे लग रहे हैं लेकिन अधिकारियों के हाथ में कुछ नहीं है। उन्हाेंने कहा कि एकतरफा बेईमानी नहीं चलेगी। हाईवे हर तरफ हैं, किसान हाईवे पर ही बैठे रहेंगे। जिला पंचायत का चुनाव जनता का चुनाव है, इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं चलेगी। ये चुनाव हमारा है, गांव का है जनता का है, इसमें बेईमानी होगी तो मुकाबला होगा।
उन्होंने कहा कि एक एमएलसी अपने पिता का नाम नहीं लिखता, डीएम पर्चा लेकर घर जाता है, और उसके पिता का नाम लिखवाता है, क्योकि वह भाजपा का था।
उन्होंने कहा कि जिस देश का राजा कानून के घर में जा रहा हो, वहां सिर्फ आंदोलन ही जान बचाएगा। कहा कि जनता को खड़ा होना पड़ेगा, हरियाणा की तरह करना पड़ेगा। कहा कि उन्हें कहना पड़ेगा वे पांच हजार ट्रैक्टर लेकर यहीं आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक संस्थाओं पर इन्होंने कब्जा कर लिया है, ये धर्म की राजनीति करते हैं, आंदोलन करने पड़ेंगे। जब राजा और न्याय करने वाला मिल जाए तो आंदोलन ही बचा सकता है।